गुरू गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय(आईपीयू) आगामी 28 जून से स्वास्थ्य सहायक कोर्स को शुरू करने जा रहा है। दो सप्ताह की समयावधि वाला कोर्स दिल्ली के सफदरजंग व हिंदूराव समेत नौ अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में दिल्ली सरकार की देखरेख में किया जाएगा। विश्वविद्यालय की पांच हजार सीटों के लिए पहले चरण में 500 आवेदकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद विभिन्न चरणों में अन्य आवेदकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बीते सप्ताह ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की थी कि संभावित तीसरी को देखते हुए दिल्ली में पांच हजार स्वास्थय कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। जो डॉक्टरों व नर्स की मदद करेंगे। इसके लिए गत 17 जून से आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई थी।
आईपीयू के वाइस चांसलर प्रो. महेश वर्मा ने शनिवार को वर्चुअल मीटिंग से कोर्स के विभिन्न पहलुओं को लेकर चर्चा की। इसमें विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिकल एंड पेरा मेडिकल साइंस के डीन डॉ. यतिश अग्रवाल, रजिस्ट्रार रवि दधिच व सभी नौ अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज के प्रमुख शामिल रहे। मीटिंग में तय किया गया है कि प्रत्येक एक संस्थान में पहले बैच में केवल 50 आवेदकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा केवल सफदरजंग अस्पताल में दो बैच शुरू किए जाएंगे। यानि पहले चरण में पहले आवेदन करने वाले केवल 500 आवेदकों को ही प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद विभिन्न चरणों के तहत अन्य आवेदक प्रशिक्षित होंगे।
वाइस चांसलर प्रो. महेश वर्मा ने कहा कि कोरोना की पहली व दूसरी लहर के दौरान दिल्ली में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को देखते हुए उक्त कोर्स शुरू किया जा रहा है। आवेदकों को नर्सिंग, जीवनरक्षक, फर्स्ट एड होम केयर, ,सैंपल क्लेक्शन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व सिलेंडर संचालन आदि जैसी चीजों में प्रशिक्षित किया जाएगा। कोर्स पूरा होने पर आवेदकों को सर्टिफिकेट के साथ बीपी मशीन, थर्मामीटर व पल्स ऑक्सीमीटर युक्त मेडिकल किट भी दी जाएगी। वीसी ने कहा कि प्रशिक्षित युवा भविष्य में संभावित तीसरी लहर को देखते हुए नर्स व डॉक्टरों की मदद करेंगे। इन युवाओं को जरूरत के हिसाब से आपदा या महामारी में लगाया जाएगा।