छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार मुहैया कराने के मकसद से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एक नई पहल शुरू की है।
इसके तहत सभी तरह के विश्वविद्यालयों के छात्रों को रोजगार, मानव मूल्य और प्रोफेशनल एथिक्स का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। यूजीसी के इस क्वालिटी मैनडेट रोडमैप को 2022 तक अनिवार्य रूप से लागू करना होगा।
यूजीसी सचिव प्रो. रजनीश जैन के मुताबिक, विश्वविद्यालयों की पढ़ाई की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिसके चलते डिग्री लेने के बावजूद कई छात्र बेरोजगार रह जाते हैं।
क्वालिटी मैनडेट पांच मुख्य बिंदुओं पर आधारित है, जिनमें ग्रेजुएशन के छात्रों को आउटकम (सीखने की प्रवृत्ति, कितना सीखा) में सुधार किया जाएगा।