विदेश से पढ़ने वालों के लिए एफएमजीई में उत्तीर्ण होना अनिवार्य
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने कहा कि एक छात्र जिसने विदेश में किसी चिकित्सा संस्थान से विदेशी चिकित्सा योग्यता हासिल की है, उसे देश में मेडिकल प्रैक्टिस और लाइसेंस के लिए आवेदन करने से पहले विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) में उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इस परीक्षा को पास करने वाले ही देश में डॉक्टरी की प्रैक्टिस करने, बतौर डॉक्टर नौकरी करने या अपना स्वयं का क्लिनिक चलाने के पात्र होते हैं।
विदेश से पढ़ने के लिए भी नीट अनिवार्य
स्वास्थ्य राज्य मंत्री पवार ने कहा कि मेडिकल इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन, 2002 के क्लॉज-8 (iv) में कहा गया है कि कोई भी भारतीय नागरिक या भारत का विदेशी नागरिक जो मई 2018 को या उसके बाद भारत के बाहर किसी मेडिकल संस्थान से प्राथमिक चिकित्सा योग्यता प्राप्त करना चाहता है, उसे एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) अनिवार्य रूप से क्वालीफाई करनी होगी।
एनएमसी से अलग अनुमति की जरूरत नहीं
मंत्री ने कहा कि नीट के परिणाम को ऐसे व्यक्तियों के लिए पात्रता प्रमाण पत्र के रूप में माना जाएगा और एनएमसी (राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग) से अलग अनुमति की आवश्यकता नहीं है। इसलिए, एमबीबीएस करने के लिए विदेश जाने वाले छात्रों का डेटा केंद्रीय रूप से नहीं रखा जाता है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार इस सवाल का जवाब दे रही थीं कि क्या केंद्र के पास विदेशों में पढ़ रहे मेडिकल छात्रों का डेटा है और क्या भारत में अभ्यास करने के लिए विदेश में पढ़ाई करने वाले मेडिकल छात्रों के लिए कोई पात्रता परीक्षा है?