हालांकि, मूल्यांकन असमानता की चिंताओं के साथ वैकल्पिक उपायों पर भी विचार किया जा रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CUCET यानी सीयूसीईटी) पर चर्चा से संकेत मिलता है कि सरकार परीक्षा आयोजित करने के बारे में सोच रही है, जिसे देशभर में कोविड -19 मामलों की वृद्धि के कारण रोक दिया गया था।
शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सीबीएसई की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द करना महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किया गया था। हालांकि, इसके बाद 12वीं कक्षा के परिणामों के मूल्यांकन में असमानता पर चिंता जता जा रही है, क्योंकि वे स्कूल स्तर पर मूल्यांकन पर आधारित होंगे।
मंत्रालय इस मामले को केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ उठाने जा रहा है और सीयूसीईटी और अन्य टर्म-एंड परीक्षाओं के आयोजन पर चर्चा करेगा। बैठक इस सप्ताह बुलाए जाने की संभावना है, जो हालांकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री की उपलब्धता पर निर्भर करती है।
मंत्रालय के अधिकारियों ने संकेत दिया कि हालांकि नीट-यूजी को बाद की तारीख में स्थगित किए जाने की संभावना है, लेकिन जेईई (मेन) और नीट-यूजी को रद्द नहीं किया जाएगा। इन परीक्षाओं को रद्द करने का कोई सवाल ही नहीं है। हालांकि, इस सप्ताह या अगले सप्ताह समीक्षा की जाएगी और अगले 15 दिनों में कोरोना की स्थिति के आधार पर नई तारीखों की घोषणा की जाएगी।
इन प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी से प्रवेश सत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। जबकि जेईई (मेन) के फरवरी और मार्च के सत्र सफलतापूर्वक आयोजित किए गए थे। लेकिन, कोरोना के मामलों में वृद्धि के बाद एनटीए ने अप्रैल और मई सत्र की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था।