छात्रों को मिलेंगे रोजगार के अच्छे अवसर
इस प्रस्तावित कैंपस में अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज कराए जाएंगे। इनमें कंप्यूटर साइंस (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा के साथ), बिजनेस, इकनॉमिक्स और क्रिएटिव इंडस्ट्रीज जैसे विषय शामिल होंगे। ये कोर्सेज उद्योग विशेषज्ञों के इनपुट के साथ बनाए जाएंगे, जिससे छात्रों को रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे।
जेफरी ने कहा, "यॉर्क यूनिवर्सिटी की पहचान बेहतरीन पढ़ाई और रिसर्च के लिए है। यह यूके की उन चार यूनिवर्सिटीज में से एक है- ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज और इम्पीरियल कॉलेज लंदन के साथ- जो यूके में रिसर्च की गुणवत्ता में टॉप 10 में है और जिसे टीचिंग क्वालिटी के लिए गोल्ड रैंकिंग मिली है।"
उन्होंने यह भी कहा कि, "हमारी रिसर्च ताकत भारत की प्राथमिकताओं से मेल खाती है, खासकर डिजिटल टेक्नोलॉजी, क्रिएटिव इंडस्ट्रीज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वास्तविक उपयोग के क्षेत्रों में। हम भारत में छात्रों का स्वागत करने और नए रिसर्च अवसर बनाने के लिए उत्साहित हैं।"
विकसित किया जाएगा अत्याधुनिक कैंपस
शुरुआत में यूनिवर्सिटी का कैंपस मुंबई के एक प्रमुख बिज़नेस जिले में खुलेगा और आने वाले वर्षों में एक अत्याधुनिक परिसर विकसित किया जाएगा। यहां पढ़ाई का स्तर यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क की ही तरह होगा और डिग्री भी वहीं की मिलेगी। इससे भारत के छात्रों को विश्व स्तरीय शिक्षा अपने ही देश में मिल सकेगी।
2023 में यूजीसी (UGC) ने भारत में विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों के कैंपस खोलने और उन्हें संचालित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे।
साउथैम्प्टन यूनिवर्सिटी (UK) भी इस साल भारत में अपना कैंपस खोलने की प्रक्रिया में है। ऑस्ट्रेलिया की दो यूनिवर्सिटीज- डीकिन और वोलोंगोंग, पहले ही गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) में अपने कैंपस खोल चुकी हैं।
इसके अलावा, क्वीन्स यूनिवर्सिटी बेलफास्ट और कोवेंट्री यूनिवर्सिटी को भी GIFT सिटी में कैंपस खोलने की मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, अभी तक कोई भी अमेरिकी यूनिवर्सिटी ने भारत में अपना कैंपस नहीं खोला है।