शारीरिक गतिविधि की स्कोरिंग जरूरी, तभी जाएंगे अगले सेमेस्टर में
शारीरिक गतिविधि क्रेडिट सिस्टम का हिस्सा होगा। शारीरिक गतिविधि में भागीदारी और स्कोरिंग का मूल्यांकन अगले सेमेस्टर में जाने के लिए होगा। पाठ्यक्रम में मेंटल हेल्थ कोर्स जुड़ेंगे और पढ़ाई पर क्रेडिट मिलेंगे। फिलहाल, अभी दो फीसदी छात्र ही खेलों से जुड़ते हैं। इसलिए शिक्षण संस्थानों को इस पर ध्यान देना होगा, ताकि उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने में मदद मिल सके। खेल परिषद, शिक्षा विभाग और योग विभाग निगरानी करेंगे। छात्रों को जीवनशैली से मोटापे, मधुमेह जैसी बीमारियों से लेकर अवसाद या तनाव से बचाना जरूरी है।
एम्स, निमहंस संग मानसिक स्वास्थ्य पेशवरों को करेंगे तैयार
उच्च शिक्षण संस्थानों को निमहंस, एचबीएएस, रिनपास, एम्स से समझौते करने होंगे। जहां विशेष औषधीय हस्तक्षेप, अन्य चिकित्सा हस्तक्षेप की जरूरत होने पर मनोचिकित्सा विभाग पूरी तरह कार्यात्मक हो। देश में प्रशिक्षित और सक्ष्म मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की भारी कमी है। भारतीय पुर्नवास परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की आपूर्ति की तुलना में मांग अधिक है। इसलिए यूजीसी, एआईसीटीई और एमसीआई प्रावधानों और दिशा-निर्देशों के अनुसार पेशेवरों को शिक्षित और प्रशिक्षित करने के लिए मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए विशेष पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं।