दूरस्थ शिक्षा (Distance Education) देश के हजारों-लाखों विद्यार्थियों के लिए उनकी पढ़ाई का सपना पूरा करने में बेहद कारगर साबित होती है। लेकिन अब दूरस्थ शिक्षा को लेकर जो खबर आई है, उससे कई छात्र नाराज हो सकते हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC - University Grants Commission) ने कुछ कोर्सेज के लिए दूरस्थ शिक्षा पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में सख्त निर्देश भी जारी किए गए हैं।
यूजीसी के निर्देश में कहा गया है कि 'विभिन्न नियामक संस्थाओं से बातचीत के आधार पर होटल मैनेजमेंट, क्यूलिनरी स्टडीज और रियल एस्टेट कोर्सेज को दूरस्थ शिक्षा के तहत अलगे शैक्षणिक सत्र से मान्यता नहीं दी जाएगी।'
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हालांकि इसमें उन छात्रों को राहत दी गई है जो पहले से ही इन कोर्सेज में दाखिला ले चुके हैं। आदेश में कहा गया है कि मान्यता मिलने वाली अवधि में दाखिला लेने वाल छात्रों के लिए ये कोर्सेज मान्य रहेंगे जब तक वे पूरे नहीं हो जाते। फिर चाहे आगे के सालों के लिए उस विवि के दूरस्थ प्रोग्राम की मान्यता यूजीसी खत्म ही क्यों न कर दे।
बता दें कि मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा अधिनियम (Open and Distance Learning Regulations 2017) के अनुसार, यूजीसी ने पहले से ही चिकित्सा, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर जैसे कोर्सेज को डिस्टेंस मोड पर कराने पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बाद कृषि के डिग्री कोर्सेस को दूरस्थ शिक्षा के जरिए संचालित करने पर पर रोक लगाई गई। अब इसमें होटल मैनेजमेंट व रियल एस्टेट भी शामिल हो गए हैं।
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यूजीसी ने अपने आदेश में ये भी कहा है कि 'क्योंकि भारत में मानसून अगस्त-सितंबर में रहता है और पारंपरिक कोर्सेज में अगस्त के अंत तक दाखिले हो जाते हैं, इसलिए मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के कोर्सेज में दाखिले का शेड्यूल इस तरह रहेगा - जनवरी में शुरू हो रहे शैक्षणिक सत्र के लिए फरवरी अंत तक और जुलाई में शुरू हो रहे सत्र के लिए सितंबर अंत तक।'