फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Tripura: त्रिपुरा सरकार ने स्कूल परिसरों में राजनीतिक कार्यक्रमों पर लगाया प्रतिबंध, छुट्टी के वक्त भी लेनी होनी एनओसी

Sun, 20 Feb 2022 03:46 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Tripura bans political programmes in schools: त्रिपुरा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के सभी स्कूल परिसरों में राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन को प्रतिबंधित कर दिया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

त्रिपुरा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के सभी स्कूल परिसरों में राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन को प्रतिबंधित कर दिया है। राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने कहा कि स्कूल समय के दौरान स्कूल परिसर में राजनीतिक रैलियों और कार्यक्रमों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का सख्त आदेश जारी किया है। हालांकि, ऐसे किसी भी कार्यक्रम के लिए शिक्षा विभाग से एनओसी लेना भी अनिवार्य कर दिया गया है।

विज्ञापन

सरकार का तर्क है कि स्कूल परिसरों में ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। जानकारी के अनुसार, यह कदम सरकार ने शिक्षा विभाग को स्कूल के समय के दौरान कुछ परिसरों में प्रधानाध्यापकों द्वारा इस तरह के राजनीतिक कार्यक्रमों की अनुमति देने संबंधी रिपोर्ट मिलने के बाद उठाया है। शिक्षा विभाग ने आदेश में कहा कि खेल के मैदान सहित किसी भी स्कूल के संसाधनों का उपयोग किसी भी राजनीतिक दल / आयोजक द्वारा राजनीतिक कार्यों / रैलियों आदि के संचालन के लिए नहीं किया जाएगा।  

कुछ प्रधानाध्यापकों ने नियमों का उल्लंघन किया

स्कूल शिक्षा विभाग की निदेशक चांदनी चंद्रन की ओर से जारी सख्त आदेश में कहा गया है कि यह दोहराया जाता है कि छुट्टियों के दौरान या स्कूल के समय के बाद भी अन्य कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आवश्यक तौर पर माध्यमिक / प्रारंभिक शिक्षा निदेशक या संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी से अनापत्ति प्रमाण-पत्र यानी एनओसी लेने की शर्त लागू रहेगी। उन्होंने आगे कहा कि जानकारी मिली है कि कुछ प्रधानाध्यापकों / टीआईसी ने इस नियम का उल्लंघन किया है और स्कूल समय के दौरान राजनीतिक सभाओं के लिए स्कूल के मैदान के उपयोग के लिए मौखिक या मौन स्वीकृति दी है। जबकि आयोजक द्वारा एनओसी प्राप्त नहीं की गई थी। 

 

विज्ञापन

लॉकडाउन से पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई

आदेश में कहा गया कि कोविड-19 के कारण लगाए गए लॉकडाउन ने पढ़ाई को बुरी तरह प्रभावित किया है और इस प्रकार स्कूल समय के दौरान कक्षाओं के संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आदेश में शिक्षा विभाग की निदेशक ने कहा कि कोविड महामारी की स्थिति के कारण लंबे अवकाश के बाद स्कूल फिर से खुले हैं। इसके बावजूद, हेडमास्टर ऐसे कार्यक्रमों को अनुमति दे रहे हैं जो पढ़ाई संबंधी गतिविधियों को बाधित कर रहे हैं और विभागीय मानदंडों का उल्लंघन कर रहे हैं।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें