टीएन बोर्ड के लिए 50:20:30 मूल्यांकन फॉर्मूला तैयार किया गया था। इस मानदंड के तहत, छात्रों को कक्षा 10वीं, 11वीं और कक्षा 12वीं के आंतरिक मूल्यांकन में उनके अंकों पर आकलन किया गया। राज्य ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा के अंकों के लिए 50 प्रतिशत वेटेज आवंटित किया था, शेष 50 फीसदी को कक्षा 11वीं और कक्षा 12वीं के बीच विभाजित किया था।
टीएनडीजीई वेबसाइट के अनुसार, कक्षा 12वीं के कुल अंकों की गणना ऐसे की गई -
- 50 प्रतिशत कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा के अंक (उच्च अंकों वाले तीन विषयों का औसत)
- 20 प्रतिशत (प्रत्येक विषय) कक्षा 11वीं के परीक्षा परिणाम का वेटेज
- 30 प्रतिशत कक्षा 12वीं के प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन अंक
वहीं, इनके अलावा 11वीं कक्षा में फेल होने वाले छात्रों को न्यूनतम 35 फीसदी अंक देकर पास किया गया है।
पुनर्मूल्यांकन और परीक्षा आवेदन की छूट
इसके अलावा, जो छात्र नए मूल्यांकन मानदंड द्वारा गणना किए गए अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होंगे, वे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं या ऑफलाइन आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा में बैठने के लिए अनुरोध कर सकते हैं। फिर छात्र का अंतिम परिणाम केवल ऑफलाइन लिखित परीक्षा में छात्र द्वारा प्राप्त अंकों के आधार पर ही जारी होगा।