सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए कहा है कि डीम्ड विश्वविद्यालय भी भ्रष्टाचार निरोधक कानून (एसीबी) के दायरे में आते हैं। कोर्ट ने कहा कि डीम्ड विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत परिभाषित ‘पब्लिक अथॉरिटी’ की श्रेणी में है। दरअसल, गुजरात हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि डीम्ड विश्वविद्यालय के ट्रस्टी के खिलाफ एसीबी के तहत अभियोग नहीं चलाया जा सकता।
2017 में ट्रस्टी के खिलाफ एसीबी और आईपीसी की धाराओं में आरोपपत्र दाखिल हुआ था। ट्रस्टी ने ट्रायल कोर्ट में आरोपमुक्ति की याचिका दी थी जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद ट्रस्टी ने गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने उसे राहत देते हुए कहा कि डीम्ड विश्वविद्यालय ‘पब्लिक अथॉरिटी’ के दायरे में नहीं आता इस लिए ट्रस्टी पर एसीबी के तहत कार्रवाई नहीं हो सकती।