रमेश पोखरियाल निशंक (फाइल फोटो)
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मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को कहा कि देशभर के स्कूल सेफ्टी गाइडलाइन के तहत ही खोले जाएंगे। 23 राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक के दौरान उन्होंने यह बात कही। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि स्कूल कब तक खोले जा सकते हैं।
निशंक ने बताया कि लॉकडाउन में किताबों की दुकानों को खोलने को शामिल किया गया है। जबकि एनसीईआरटी ने सभी राज्यों को किताबों का ई-कंटेंट उपलब्ध करवा दिया है। अब किताबों की दिक्कत नहीं होगी। निशंक ने यह भी कहा वह राज्य सरकारों से आग्रह करते हैं कि वे अपने राज्यों में बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन के काम में सहयोग दें।
बैठक के दौरान कई राज्यों के शिक्षा मंत्रियों ने लॉकडाउन के मद्देनजर जेईई मेन, नीट व अन्य परीक्षाओं का पाठ्यक्रम 30 फीसदी तक कम करने की मांग भी रखी।
- सिसोदिया बोले, 12वीं के छात्रों को इंटरनल परीक्षा के आधार पर किया जाए पास
दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री मनीष सिसौदिया ने बैठक में केंद्र को सुझाव दिया कि लॉकडाउन के चलते अब दसवीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा करवाना संभव नहीं है। इसलिए इंटरनल परीक्षा के आधार पर ही विद्यार्थियों को नौंवी और 11वीं कक्षा की तर्ज पर पास कर दिया जाए।
- गर्मी की छुट्टियों में भी मिलेगा मिड-डे मील
निशंक ने कहा कि स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों के दौरान भी बच्चों को मिड-डे मील दिया जाएगा। लॉकडाउन के दौरान मिड-डे मील के लिए राशन स्कूलों को उपलब्ध कराया गया है। इसके लिए सरकार 1600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च करेगी।
इसके अतिरिक्त मिड-डे मील योजना के तहत 2500 करोड़ रुपये का एड-हॉक अनुदान पहली तिमाही के लिए जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन को देखते हुए मिडडे मील के लिए सालाना लागत को 7300 करोड़ से बढ़ाकर 8100 करोड़ रुपये कर दिया गया है।