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Success Story: नागौर के शैलेंद्र बने डॉक्टर, कजाकिस्तान से 22 लाख में किया MBBS, जानें यहां कैसे मिलेगा एडमिशन

Sat, 19 Oct 2024 11:34 AM IST
Pushpendra Mishra Media Solution Initiative

सार

अगर आप भी विदेश से एमबीबीएस करने की सोच रहे हैं तो पहले वर्ष वीजा-पासपोर्ट, हॉस्टल-मेस फीस और कजाकिस्तान पहुंचाने वाली फ्लाइट, एमबीबीएस ट्यूशन फीस आदि के रुपये रखें तैयार
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एमबीबीएस एब्रॉड सक्सेस स्टोरी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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राजस्थान के नागौर जिले में एक व्यापारी के घर जन्मे शैलेंद्र ने स्थानीय कॉलेज से 12वीं पास करने के बाद डॉक्टर बनने की सोची। क्योंकि शैलेंद्र के मामा के लड़के ने एमबीबीएस किया था। जिससे उन्हें प्रेरणा मिली। 2018 में जब शैलेंद्र ने एमबीबीएस के लिए कजाकिस्तान को चुना। यहां दाखिला लेने के बाद 5 वर्ष की एमबीबीएस पूरी कर शैलेंद्र वापस भारत आए। और भारत में डॉक्टरी प्रैक्टिस के लिए जरूरी एफएमजीई एग्जाम क्लीयर किया।
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आइये जानते हैं शैलेंद्र की पूरी कहानी...

अपनी सक्सेस स्टोरी पर शैलेंद्र ने कहा कि नागौर जिला राजस्थान में मेरा जन्म हुआ। मेरे पिता एक बिजनेसमैन हैं। परिवार में किसी ने एमबीबीएस नहीं किया था। लेकिन मेरे मामा के लड़के ने एमबीबीएस किया है। इससे परिवार में चर्चा होती रही। जब 2018 में मैंने 12वीं पास की। उस समय नीट कुछ महीनों के लिए हट गया था। इसलिए परीक्षा देने की जरूरत नहीं पड़ी। पिता ने कजाकिस्तान की कोक्शेताऊ यूनिवर्सिटी में मेरा दाखिला करा दिया। पहले वर्ष वीजा, पासपोर्ट, हॉस्टल फीस, मेस फीस और कजाकिस्तान फ्लाइट के पहुंचने का किराया, एमबीबीएस ट्यूशन फीस 2 सेमेस्टर की कुल मिलाकर 5 से 6 लाख रुपये का खर्चा हुआ।


रहने-खाने की कोई दिक्कत नहीं आयी, भाषा पर किया काम


जब मैं कजाकिस्तान पहुंचा तो यहां सभी लोग कजाक भाषा में बातचीत कर रहे थे। कजाक यहां की स्थानीय भाषा है। कुछ लोग यहां रसियन भाषा में भी बात कर सकते हैं। मेरे लिये पहले वर्ष ये दिक्कत रही मुझे अंग्रेजी में ही अपनी बात रखनी थी।
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धीरे-धीरे मैंने कजाक भाषा को सीखा। और अब मैं अच्छी कजाक बोल लेता हूं। कजाकिस्तान एक अच्छा देश लगा मुझे, यहां के लोग भी मुझे पसंद आए। बीते 5 सालों में कजाकिस्तान में बड़े आराम से कटे। क्योंकि विदेश जब कोई जाता है तो 2 ही चीज सबसे ज्यादा जरूरी होती है वहां रहने की व्यवस्था और खाना। तो छात्रावास आपके जाते ही आपको एलॉट हो जाएगा। मेस में आपको भारतीय खाना मिल जाएगा। मुझे भारतीय बैच को भारतीय कुक मिला था जो इंडियन डिश बना देता था। जो हमें खाने में कोई दिक्कत नहीं हुई।


पढ़ाई का माहौल अच्छा है, मौसम खुशगवार रहता है
 

अब बचा मौसम, तो मौसम में यहां साल के ज्यादातर महीनों में ठंडक रहती है। आपको चारो तरफ बर्फ गिरती, जमी दिखाई देगी। यहां पढ़ाई का माहौल बहुत अच्छा है। पूरे वर्ष आपको बेस्ट फैकल्टी मिलेगी। प्रैक्टिकल से लेकर कांफरेंस तक बेहतरीन शिक्षक मिलेंगे। हर साल भारतीय शिक्षक को बुलाया जाता है। जो किसी न किसी विषय को हिंदी में बेहतर तरीके से समझा देते हैं।


लाइसेंसिंग एग्जाम ऐसे लिया पास

5 साल की एमबीबीएस कम्प्लीट करने के बाद मैंने भारत में प्रैक्टिस के लिए आयोजित किया जाने वाला एग्जिट एग्जाम एफएमजीई के लिये तैयारी शुरू कर दी। कुछ खुद से पढ़ा, थोड़ी कोचिंग ली। जुलाई 2024 में मैंने लाइसेंसिंग एग्जाम क्लीयर कर लिया है।


घूमने की अच्छी जगहें हैं जहां आप जा सकते हैं

आप कजाकिस्तान में घूमने भी कई जगह जा सकते हैं। जैसे हम वहां की राजधानी नूर-सुल्तान(पहले अस्ताना) में घूमने गए, अल्माटी घूमा। आपको एमबीबीएस के दौरान हर वर्ष अगस्त सितम्बर में 2 महीने की छुट्टी मिल जाएगी। जिससे आप घर भी आ सकते हो। दो महीने के लिए मैं हर साल घर आता था।


क्या रहेगी आपकी एडमिशन प्रक्रिया

अगर आप भी कजाकिस्तान की कोक्शेताऊ यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना चाहते हो तो सफलता मोक्ष 1800-571-0202 की मदद से वहां जा सकते हैं। पहले आपकी काउंसिलिंग होगी। जिसके बाद यूनिवर्सिटी में एडमिशन होगा। आपका एडमिशन लेटर आएगा। यूनिवर्सिटी आपका वीजा भेज देगी। कुल मिलाकर 15-20 दिन का प्रोसेस होता है जिसमें आपको अपनी तैयारी कर यूनिवर्सिटी में रिपोर्ट करना है। जाते ही आपको हॉस्टल-मेस सुविधा मिल जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय छात्र विभाग में जाकर आप अपनी ट्यूशन फीस जमा कर देना जिसके बाद आपकी क्लासेज शुरू हो जाएंगी। किसी भी तरह की परेशानी होने पर आप यूनिवर्सिटी प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं। किसी बड़ी परेशानी की स्थिति में आप भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। भारतीय दूतावास सभी भारतीय छात्रों की वहां हर संभव मदद कर देता है।

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