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UPSC Success Story: यूपीएससी का सपना लिए बच्चे से दूर रहीं, हासिल किया ऑल इंडिया रैंक 2, जानें अनु कुमारी की कहानी

Sun, 15 May 2022 05:56 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

UPSC Success Story: यूपीएससी की तैयारी के लिए परिश्रम और त्याग दोनों की ही जरूरत होती है। इसका उदाहरण अनु कुमारी के सफलता की कहानी में भी देखने को मिलती है।
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UPSC Success Story - फोटो : Social Media
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विस्तार
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UPSC Success Story: संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी एक ऐसा सपना है जो देश का लगभग हर शख्स कभी न कभी देखता ही हैं। कोई रुतबे और अपने माता-पिता को गर्व कराने के लिए तो कोई समाज को बदलने का सपना लिए जी जान से यूपीएससी की तैयारी में लगा होता है। इसके लिए उम्मीदवार न दिन देखते हैं न रात, न ही उन्हें घरों से सैकड़ों किमी दूर रहने में कोई हिचक होती है। इस परिश्रम का फल उन्हें परिणाम के बाद मिलता है। सच्ची लगन से मेहनत करने वाले उम्मीदवार परीक्षा में सफलता का परचम लहराते हैं। आज हम यूपीएससी सक्सेस स्टोरी की इस कड़ी में लाए हैं सफलता की ऐसी ही एक कहानी। 

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हरियाणा की अनु कुमारी ने पाई सफलता
हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली अनु कुमारी ने साल 2017 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में रैंक 2 हासिल की थी। उनकी सफलता की कहानी भी काफी दिलचस्प है। अनु ने दिल्ली के डीयू के कॉलेज से फिजिक्स में डिग्री ली थी। इसके बाद उन्होंने एमबीए की पढ़ाई की। कॉलेज की पढ़ाई खत्म करने के बाद उन्होंने मुंबई में आईसीआईसीआई में नौकरी भी की। साल 2012 में अनु ने गुरुग्राम आकर शादी कर ली। 

पहले आर्थिक स्थिति को सही करने का फैसला
अनु को स्कूल-कॉलेज के समय से ही दोस्त सिविल सेवा परीक्षा के लिए तैयारी करने की सलाह देते थे। हालांकि, अनु ने पहले अपनी आर्थिक स्थिति को सही करने का फैसला किया। इसलिए पहले नौकरी करने की और इसके बाद इसे छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी की। इस दौरान अनु के रिश्तेदारों ने भी उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित किया। 

बच्चे से दूर रह की तैयारी
यूपीएससी की तैयारी के लिए परिश्रम और त्याग दोनों की ही जरूरत होती है। इसका उदाहरण अनु कुमारी के सफलता की कहानी में भी देखने को मिलता है। परीक्षा में सफल होने के लिए तैयारी अच्छे से हो इसके लिए अनु करीब दो साल तक अपने बच्चे से दूर रही थीं। पहले प्रयास में उन्हें विफलता हाथ लगी। हालांकि, उन्होंने इससे हार न मानते हुए फिर से तैयारी की और सफलता का परचम लहराया। अनु कुमारी ने साल 2017 में सिविल सेवा परीक्षा में दूसरी रैंक प्राप्त की। 
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युवाओं के लिए क्या है संदेश
मीडिया से बात करते हुए अनु कुमारी का कहना है कि कड़ी मेहनत और पूरे समर्पण के साथ ही सफलता को प्राप्त किया जा सकता है। तैयारी के वक्त समाज के लोग विभिन्न तरीकों से आपका मनोबल गिराने की कोशिश करेंगे। हालांकि, आपको अपने लक्ष्य पर फोकस करना होगा। बेहतर रणनीति बनाकर और कड़ी मेहनत कर के अपने लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। 
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