आईएएस अधिकारी प्रदीप सिंह सोनीपत के निवासी हैं। प्रदीप के पिता सुखबीर सिंह किसान हैं और सोनीपत के गनौर प्रखंड के तिवरी गांव के पूर्व सरपंच रहे हैं। प्रदीप ने कक्षा सातवीं तक की पढ़ाई सरकारी स्कूल में की थी और उन्होंने कक्षा 12वीं सोनीपत के निजी स्कूल से की थी। उन्होंने कोई कोचिंग नहीं ली और सेल्फ स्टडी से यूपीएससी की परीक्षा पास करने में सफल रहे।
परीक्षा की तैयारी और नौकरी दोनों साथ कठिन रहे
प्रदीप बताते हैं कि मेरा ध्यान हर दिन लक्षित पाठ्यक्रम को कवर करने पर था। यूपीएससी निरंतरता की मांग करता है और कभी-कभी मुझे लगा कि मैं इस योग्य नहीं हूं लेकिन मेरे पिता ने मुझे प्रोत्साहित किया। प्रदीप सिंह के मुताबिक उनके लिए यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करना और नौकरी दोनों साथ-साथ कठिन था।
UPSC CSE 2019 Topper Pradeep Singh AIR 1
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तीसरे प्रयास में राजस्व सेवा के अधिकारी बने
बकौल प्रदीप सिंह, स्नातक के बाद, प्रदीप ने कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के लिए कोचिंग ली और पांच साल पहले दिल्ली में आयकर अधिकारी के रूप में अपनी पहली नौकरी प्राप्त की। अपने तीसरे प्रयास में प्रदीप सिंह ने 260वीं रैंक हासिल की और फरीदाबाद में भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी बन गए।
जब भी समय मिला, तैयारी में इस्तेमाल किया
प्रदीप के लिए आईएएस की तैयारी और एक ही समय में सरकारी प्रशिक्षण के बीच संतुलन बनाना उनके लिए बहुत मुश्किल था। उन्हें नौकरी के दौरान जब भी समय मिला, उन्होंने इसका इस्तेमाल यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में किया। ऑफिस आने-जाने के दौरान उन्होंने यूट्यूब के जरिए पढ़ाई भी की। प्रदीप के मुताबिक लंच टाइम में पढ़ने के लिए वह ऑफिस में जल्दी काम खत्म कर लिया करते थे।
उम्मीदवारों के लिए प्रदीप सिंह के सक्सेस मंत्र
प्रदीप सिंह ने युवा उममीदवारों के लिए अपने सक्सेस मंत्र को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने अपना फोकस हर दिन लक्षित सिलेबस को कवर करने पर रखा। उनका कहना है कि यूपीएससी की तैयारी में निरंतरता जरूरी है। दिलचस्प बात यह है कि प्रदीप ने अपनी IAS की तैयारी के लिए YouTube की भी मदद ली और हर दिन ऑफिस आते-जाते उपयोगी वीडियो देखे।