सीएपीएफ परीक्षा पास करने वाली सिमरन बाला ने बताया कि मैं इस साल इस परीक्षा को क्रैक करने वाली जम्मू-कश्मीर की अकेली लड़की हूं, मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है। इस सफलता के पीछे पेरेंट्स और टीचर का बहुत सपोर्ट रहा, जिसकी वजह से मुझे यह सफलता हासिल हुई है।
सिमरन बाला ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए बताया कि जम्मू कश्मीर के बॉर्डर एरिया वाले जिले से होने के नाते मैंने बहुत क्रॉस बॉर्डर फायरिंग देखी है, जिसकी वजह से मुझे सीएपीएफ जॉइन करने के लिए बहुत मोटिवेशन मिला। मैं भी देश की सीमा की सुरक्षा करना चाहती हूं। अब मेरा सपना साकार हो चुका है। मेरा चयन सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर हुआ है। मैं पूरी ऊर्जी के साथ अपनी ड्यूटी निभाउंगी। सिमरन ने आगे बताया कि मेरे परिजन और आस-पड़ोस के लोग मेरी इस सफलता पर काफी खुश हैं।
सिमरन ने बताया कि उनकी स्कूली शिक्षा राजौरी जिले के नौशेरा जो कि एलओसी के नजदीक है। वहीं के नेशनल पब्लिक स्कूल से 10वीं तक पढ़ाई पूरी की। इसके बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई जम्मू से की। स्नातक की पढ़ाई गवर्मेंट कॉलेज फॉर वुमन गांधीनगर से पूरी की है।
सिमरन ने बताया कि जब वह अपने ग्रेजुएशन के आखिरी सेमेस्टर में थी, तब परीक्षा दी थी। कड़ी मेहनत, भगवान की कृपा और लगन की बदौलत इस परीक्षा को पहले प्रयास में पास किया। यह परीक्षा तीन स्टेज में होती है। सबसे पहले लिखित परीक्षा होती है, जो यूपीएससी कराता है। इसमें दो पेपर होता है। इसमें पास होने वाले उम्मीदवारों को मेडिकल और फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाता है। इसके बाद इंटरव्यू होता है। जिसके लिए उम्मीदवारों को दिल्ली बुलाया जाता है।
सिमरन ने बताया कि उनकी मेडिकल और फिजिकल परीक्षा बीएसएफ हेड क्वॉर्टर जालंधर में हुई थी। जो आईटीबीपी ने कंडक्ट करवाई थी। उन्होंने बताया कि उनका इंटरव्यू 22 मई को था। अब शुक्रवार को रिजल्ट जारी कर दिया गया है। इस परीक्षा में 151 उम्मीदवार सफल हुए हैं। सिमरन ने बताया कि उनकी ऑल इंडिया रैंक 82वीं है।