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Speech To Speech Project: शिक्षक अंग्रेजी में देंगे लेक्चर, विद्यार्थी मातृभाषा में सुन सकेंगे लाइव अनुवाद

Sun, 16 Oct 2022 04:42 AM IST
देव कश्यप सीमा शर्मा, नई दिल्ली।

सार

आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत स्पीच-टू-स्पीच प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है। पहले चरण में इंजीनियरिंग समेत अन्य कोर्स की अंग्रेजी में लिखित किताबों का भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया गया था। अब दूसरे चरण में छात्र कक्षा में शिक्षक के अंग्रेजी के लेक्चर लाइव लेक्चर अनुवाद के माध्यम से हिंदी, मराठी, तमिल, तेलगू या अन्य भारतीय भाषाओं में सुन सकेंगे।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock
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विस्तार
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रीजनल भाषा में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए राहत की खबर है। अब क्लासरूम में शिक्षक अंग्रेजी में लेक्चर देंगे और सामने बैठे छात्र रीजनल या मातृभाषा में लाइव अनुवाद सुन सकेंगे। इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ और अन्य कोर्स की पढ़ाई करने वाले छात्रों को अंग्रेजी भाषा के चलते विषय समझने में दिक्कत नहीं होगी। दरअसल, आईआईटी बॉम्बे, मद्रास, आईआईआईटी हैदराबाद, जेएनयू के वैज्ञानिकों ने मशीन लर्निंग तकनीक का प्रयोग करके स्पीच-टू-स्पीच प्रोजेक्ट तैयार किया है। शैक्षणिक सत्र 2023-23 से योजना को शुरू करने के लिए इन संस्थानों में हिंदी मराठी, तमिल और तेलगू भाषा में ट्रायल जारी है, जबकि कोंकणी, असमी, मैथिली, बोडो, नेपाली भाषा में काम चल रहा है।

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आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत स्पीच-टू-स्पीच प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है। पहले चरण में इंजीनियरिंग समेत अन्य कोर्स की अंग्रेजी में लिखित किताबों का भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया गया था। अब दूसरे चरण में छात्र कक्षा में शिक्षक के अंग्रेजी के लेक्चर लाइव लेक्चर अनुवाद के माध्यम से हिंदी, मराठी, तमिल, तेलगू या अन्य भारतीय भाषाओं में सुन सकेंगे।

इन संस्थानों में ट्रायल जारी
आईआईटी मद्रास में अंग्रेजी से तमिल, तमिल से हिंदी और अंग्रेजी से हिंदी, आईआईआईटी हैदराबाद में अंग्रेजी से तमिल, तमिल से हिंदी, अंग्रेजी से हिंदी भाषा में लाइव अनुवाद पर ट्रायल जारी है। जबकि अन्य भारतीय भाषाओं को भी इसमें जोड़ने पर काम चल रहा है।
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इन संस्थानों में भी सुविधा जल्द
आईआईटी बॉम्बे के साथ जेएनयू दिल्ली, गुवाहाटी यूनिवर्सिटी, एनआईटी सिल्चर, गोवा यूनिवर्सिटी, आईआईटी पटना, एचआईटी मणिपुर, सीडैक पुणे व कोलकाता इसमें पार्टनर संस्थान हैं। इन उच्च शिक्षण संस्थानों में कोंकणी, मराठी, नेपाली, बोडो, मैथिली, मणिपुरी, असमी भाषा में अंग्रेजी के  लेक्चर को लाइव अनुवाद से जोड़ने पर काम चल रहा है। प्रोजेक्ट में सभी 23 भारतीय भाषाओं को जोड़ने की योजना है। कई अन्य उच्च शिक्षण संस्थान भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

ऐसे मिलेगी कक्षा में छात्रों को सुविधा
क्लासरूम में शिक्षक के अंग्रेजी लेक्चर का अपनी मातृभाषा में लाइव अनुवाद सुनने के लिए छात्र को हेडफोन लगाना होगा। इसमें उसे अपनी मातृभाषा या संबंधित संस्थान कौन -कौन सी भारतीय भाषा को जोड़ा है, उसी के तहत सुविधा मिलेगी। इसके अलावा सामने डिजिटल बोर्ड पर एक ओर शिक्षक लेक्चर दे रहे होंगे वो सामने अंग्रेजी में टाइप होता रहेगा। उसी के साथ लगती विंडो में उसका भारतीय भाषा में लाइव अनुवाद भी होता जाएगा।

2023 से बेसिक प्रोग्रामिंग से शुरुआत
आईआईटी बॉम्बे में डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के प्रोफेसर पुष्पक भट्टाचार्य ने बताया कि 'स्पीच-टू-स्पीच प्रोजेक्ट' 2023 तक शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसकी शुरुआत बीटेक प्रोग्राम में बेसिक प्रोग्रामिंग कोर्स से की जाएगी। इसके साथ पाइथन प्रोग्रामिंग कोर्स भी शामिल होगा। जबकि बाद में कोर्स को भी जोड़ा जाएगा। मशीन लर्निंग में फिलहाल अभी अलग-अलग रीजनल लैंग्वेज के लिए अलग-अलग मॉडल पर अनुवाद हो रहा है, लेकिन भविष्य में एक ही मॉडल पर सभी रीजनल लैंग्वेज जुड़ जाएंगी। आईआईटी बॉम्बे में अंग्रेजी से मराठी, मराठी से हिंदी, अंग्रेजी से हिंदी में लाइव अनुवाद चल रहा है। इसमें अन्य भारतीय भाषाओं को भी जोड़ा जाएगा।

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