स्कूलों में अब छात्र-छात्राओं को प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, सोलर सिस्टम की मरम्मत जैसे काम की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। बोर्ड द्वारा यह ट्रेनिंग हाई स्कूल के छात्र-छात्राओं को दिए जाने का प्रावधान किया जा रहा है। यह फैसला उत्तर प्रदेश (यूपी) बोर्ड की ओर से लिया गया है।
यूपी बोर्ड के सभापति और माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय ने सचिव नीना श्रीवास्तव को इन विषयों के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश भी दे दिए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि शैक्षणिक सत्र 2020-21 से इन विषयों की पढ़ाई शुरू हो सकेगी।
विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और कौशल विकास के लिए हाईस्कूल के पाठ्यक्रम में व्यवसायिक शिक्षा के वैकल्पिक विषय के रूप में यूपी बोर्ड इन्हें शामिल करने जा रहा है। बोर्ड का कहना है कि नौकरी के सीमित अवसर और तेजी से बढ़ती जनसंख्या के बीच आने वाली जरूरतों को देखते हुए सरकार ने यह निर्देश दिया है। इस फैसले से जरूरतमंद युवा हाईस्कूल और इंटर तक की पढ़ाई के बाद भी अपनी कार्य कुशलता के बल पर रोजगार पा सकेंगे।
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अभी हाई स्कूल में ये प्रोफेशनल कोर्स चल रहे हैं -
मोबाइल रिपेयरिंग, टाईपिंग, अकाउंट एंड ऑडिट, लाइब्रेरी साइंस, बेकिंग एंड कॉन्फेक्शनरी, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी, क्रॉप कंजर्वेशन टेक्नीक, शॉर्टहैंड, बैंकिंग, फूड प्रिजर्वेशन, फोटोग्राफी, प्लांट नर्सरी, रेडियो एंड टीवी टेक्नोलॉजी, सिलाई, सिक्योरिटी, आईटी, खुदरा व्यापार, कुकरी, मधुमक्खी पालन, लॉन्ड्री एंड डाईंग, ड्रेस एंड डेकोरेशन।
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इंटर में ये प्रोफेशन कोर्स चलाए जा रहे हैं -
डेयरी टेक्नोलॉजी, बेकिंग एंड कॉन्फेक्शनरी, खुदरा व्यापार, ऑटोमोबाइल, मोबाइल रिपेयरिंग, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी, कंप्यूटर टेक्नोलॉजी एंड मेंटेनेंस, फूड कंजर्वेशन, एंब्रॉयडरी, कुकरी, ड्रेस मेकिंग एंड डेकोरेशन, सिक्योरिटी समेत अन्य कई कोर्सेज यूपी बोर्ड द्वारा इंटर के छात्र-छात्राओं के लिए चलाए जा रहे हैं।
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