पीठ ने कहा कि कथित कारणों के मद्देनजर, वर्तमान अपील सफल होती है। 10 सितंबर, 2018 को उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच द्वारा पारित किया गया निर्णय और आदेश ..., 04 अप्रैल के निर्णय और आदेश की पुष्टि करता है। राज्य सरकार के 16 जुलाई, 2013 के आदेश को रद्द करते हुए नए बीएड कॉलेजों को मान्यता प्रदान नहीं करने का निर्णय लिया और एनसीटीई को पसंदीदा आवेदन पर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया।
प्रतिवादी नंबर 1 (कॉलेज) द्वारा बी.एड. पाठ्यक्रम में सीटें बढ़ाने के लिए याचिका को एतद्द्वारा रद्द किया जाता है और अलग रखा जाता है। पीठ ने अपने 1986 के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि इस अदालत द्वारा निर्धारित कानून को लागू करते हुए उच्च न्यायालय ने यह मानते हुए गंभीर गलती की है कि नए बीएड कॉलेजों के लिए सिफारिश नहीं करने के फैसले को मनमाना कहा जा सकता है।