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BSCS हाईटेक इंजीनियरिंग के कैंपस प्लेसमेंट में संस्कृति यूनिवर्सिटी के 42 छात्रों ने मारी बाजी

Thu, 14 Jun 2018 05:06 PM IST
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संस्कृति विश्वविद्यालय
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हर शख्स की जिंदगी में कुछ ऐसे दिन आते हैं, जिन्हें वह जीवन भर संजो कर रखना चाहता है। ऐसे सुनहरे यादगार पल संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्रों के जीवन में भी आए, जब उन्होंने वो मंजिल हासिल कर ली, जिसके सपने देखते हुए वे संस्कृति यूनिवर्सिटी में आए थे। ऊर्जा क्षेत्र की टॉप कंपनी बीएसीएस हाईटेक इंजीनियरिंग, भिलाई ने कैंपस प्लेसमेंट में संस्कृति यूनिवर्सिटी के 42 छात्रों को सलेक्ट कर लिया। संस्कृति यूनिवर्सिटी के इन छात्रों ने कैंपस प्लेसमेंट के दौरान अपनी तकनीकी कौशल से न केवल कंपनियों के बड़े-बड़े अधिकारियों को प्रभावित किया बल्कि वे ऑफर लेटर प्राप्त करने में भी कामयाब रहे।

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जानकारी के मुताबिक, बीएसीएस हाईटेक इंजीनियरिंग, भिलाई ने संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्र- छात्राओं को मैंनेजमेंट ट्रेनी, डिप्लोमा इंजीनियर ट्रेनी, ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी के रूप में अपॉइंट किया है। कैंपस प्लेसमेंट से पहले बीएसीएस हाईटेक इंजीनियरिंग, भिलाई पदाधिकारी एसके अष्ठाना, मेंटीनेंस एंड ऑपरेशन, ज्योति चौधरी, असिस्टेंट एचआर मैनेजर और पुनती जंघेला एचआर एग्जीक्यूटिव ने संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं को कंपनी के प्रोफाइल और वर्किंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ छात्र-छात्राओं को बीएसीएस हाईटेक इंजीनियरिंग, भिलाई के विस्तार से जुड़ी संभावनाओं के बारे में भी कंपनी ने छात्र-छात्राओं को जानकारी दी। कंपनी के अधिकारी एसके अष्ठाना (मेंटीनेंस एंड ऑपरेशन) ने बताया कि बीएसीएस हाईटेक इंजीनियरिंग के देशभर में थर्मल पावर प्लांट, विंड वार प्लांट और हाइड्रो पावर प्लांट कार्य कर रहे हैं।

संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्रों को ऑफर लेटर देने से पहले कंपनी ने उनकी परीक्षा भी ली। इसके बाद इंटरव्यू लिया गया। टेस्ट और इंटरव्यू के बाद कंपनी ने 42 छात्रों को सलेक्ट किया। कंपनी में मौका पाने के बाद छात्रों ने कहा कि पढ़ाई पूरी करने से पहले ही बीएसीएस हाईटेक इंजीनियरिंग, भिलाई जैसी बड़ी कंपनी में मौका मिलना उनके लिए बड़ा अवसर है। यह खुशी ऐसी है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
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sanskriti university
संस्कृति यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने कहा कि संस्थान की नजर बदलते परिवेश के साथ ही छात्रों के सुनहरे भविष्य पर भी है। प्रोफेशनल्स अपनी क्रिएटिविटी और टेक्निकल स्किल्स के जरिए अपने पैरों पर खड़े हों, यही संस्कृति यूनिवर्सिटी का उद्देश्य है। उपकुलाधिपति राजेश गुप्ता ने कहा कि टेक्निकल एजुकेशन संस्कृति यूनिवर्सिटी का सबसे मजबूत पक्ष है। हाईटेक जमाने को देखते हुए यहां पारंपरिक इंजीनियरिंग डिग्री के अलावा मॉर्डन कोर्सेज पर भी फोकस किया जा रहा है।

कार्यकारी निदेशक पीसी छाबड़ा, हेड कॉर्पोरेट रिलेशन आरके शर्मा, मैनेजर कॉर्पोरेट रिलेशन तान्या उपाध्याय, डीन एकेडमिक डॉक्टर संजीव कुमार और डायरेक्टर इंजीनियरिंग डॉक्टर राकेश धीमान ने कैंपस प्लेसमेंट में सलेक्ट हुए छात्रों को उज्जवल भविष्य की बधाई दी है।

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