उधर, केंद्र सरकार ने आईआईटी प्रबंधन को आदेश दिया है कि आईआईटी की एक भी सीट खाली नहीं रहनी चाहिए। ऐसे में आईआईटी प्रबंधन जेईई एडवांस रिजल्ट को लेकर बेहद प्रेशर में है।
अब बृहस्पतिवार की बैठक के बाद संभावना जतायी जा रही है कि छात्रों की भविष्य और आईआईटी की एक-एक महत्वपूर्ण सीट खाली न रहे को देखते हुए जेईई एडवांस की कटऑफ में गिरावट के साथ दूसरी लिस्ट जारी हो सकती है। इस मामले में आईआईटी से मंत्रालय तक कोई भी वरिष्ठ अधिकारी फिलहाल दूसरी इमरजेंसी बैठक कॉल करने के बाद कुछ भी कहने से कतरा रहा है।
ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड की एक नई कमेटी भी बुधवार को बनायी गयी है, जोकि सीट व छात्रों के रुझान पर नजर रखेगी। क्योंकि15 जून को आईआईटी में दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होगा और 19 जून को मॉक सीट एलोकेशन एक के तहत जानकारी मिल जाएगी कि कितने छात्रों ने रजिस्ट्रेशन के आधार पर दाखिले व कोर्स में रुझान दिखाया है।
इसी के आधार पर छात्र अपने ज्वाइंस में बदलाव और नए कोर्स भी जोड़ते हैं। इसके बाद 24 को दूसरी मॉक सीट एलोकेशन की सूची जारी होगी। इन दोनों मॉक सीट एलोकेशन के आधार पर तय हो जाएगा कि कितने क्वालिफाइड छात्र आईआईटी में दाखिला लेने जा रहे हैं।
आईआईटी की एक भी सीट खाली न रहे
वहीं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया कि, आईआईटी प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि आईआईटी की एक भी सीट खाली नहीं रहनी चाहिए। क्योंकि एक-एक सीट बेहद महत्वपूर्ण होती है। जेईई एडवांस में क्वालिफाइड छात्रों की संख्या कम होने पर आईआईटी प्रबंधन की इमरजेंसी बैठक आयोजित हुई है। हालांकि इस मामले में स्थिति आज स्पष्ट होगी।