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अमर उजाला विशेष: पुतिन ने 22 वर्षों तक किया शासन, इस दौरान 4 राष्ट्रों में कितनी बार बदली सत्ता, पढ़िए यहां

सार

पुतिन के शासन काल में 4 बड़े देशों में कई बार सत्ता परिवर्तित हुई है। अमेरिका में पांच, ब्रिटेन में पांच, फ्रांस में चार और चीन में तीन बार देश का नेतृत्व करने वाले का चहरा बदला।
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व्लादिमीर पुतिन के कार्यकाल के दौरान अमेरिका, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन - फोटो : अमर उजाला
रूस पर सबसे लंबे समय तक राज करने वाले व्लादिमीर पुतिन आज से 22 वर्ष पूर्व जब क्रेमिलन पधारे, तब किसी ने भी यह नहीं सोचा होगा की वह एक दिन रूस के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री बनेंगे। लेकिन तमाम तकलीफों और मुश्किलों के बाद पुतिन ने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सत्ता में दो दशक से ज्यादा का समय पूरा कर लिया है।

हालांकि पुतिन के शासनकाल में 4 बड़े देशों में कई बार सत्ता परिवर्तित हुई है। अमेरिका में पांच, ब्रिटेन में पांच, फ्रांस में चार और चीन में तीन बार देश का नेतृत्व करने वाले का चहरा बदला। अमेरिका में 1999 से लेकर 2021 तक में बिल क्लिंटन, जॉर्ज डब्ल्यू बुश, बराक ओबामा, डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन ने सत्ता संभाली।

चीन में जियांग जेमिन, हू जिंताओ और शी जिनपिंग ने राष्ट्रपति का पद संभाला। फ्रांस में जैक्स शिराक, निकोलज सरकोजी, फ्रांकोइस होलांडे और इमैनुएल मैक्रो ने कार्यभार संभाला। वहीं यूके में टोनी ब्लेयर, गॉर्डन ब्राउन, डेविड कैमरन, थेरेसा मे और बोरिस जॉनसन प्रधानमंत्री रहे हैं।

ऐसे में आज हम आपको बताना चाह रहे हैं कि 1999 से लेकर 2021 तक अमेरिका, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन में कैसे सत्ता परिवर्तित होते गई और पुतिन ने कैसे 22 वर्षों तक रूस की कमान अपने हाथ में थामे रखी। पढ़िए...
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1999 - पुतिन का अप्रत्याशित उदय

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व्लादिमीर पुतिन

सोवियत संघ के विघटन के बाद रूस की कमान संभालने वाली बोरिस येल्तसिन के राष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था। इस पद की कमान संभालने के लिए कई उम्मीदवार मौजूद थे। इसलिए एक प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में पुतिन का अप्रत्याशित उदय हुआ और पूर्व केजीबी एजेंट व वफादार शख्स व्लादिमीर पुतिन रूस के कार्यकारी राष्ट्रपति बने। 

  • अमेरिका: बिल क्लिंटन, 1998 में महाभियोग चलाने वाले दूसरे अमेरिकी राष्ट्रपति बने थे। लेकिन 1999 में झूठी गवाही के आरोप में 55 दोषी नहीं/ 45 दोषी और न्याय में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में 50 दोषी नहीं/50 दोषी वोट मिलने की वजह से सीनेट ने बिल क्लिंटन को बरी कर दिया था।
  • चीन: इस दौरान चीन के तत्कालीन राष्ट्रपति जियांग जेमिन बाहरी दुनिया के साथ अपने संबंधों को सुधारने में और पुर्तगाल से मकाऊ को लेने में व्यस्त थे। 
  • फ्रांस: महापौर के रूप में काम कर रहे जैक्स शिराक के ऊपर, उनके कार्यकाल के दौरान, कथित तौर पर हुए भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए गए थे। हालांकि, 1999 में एक विवादास्पद न्यायिक निर्णय ने फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति शिराक को बरी कर दिया था।
  • ब्रिटेन: इस समय ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने अपनी सेना को कोसोवो से युद्ध करने का आदेश दिया था। आपको बता दें कि ब्लेयर ने अपने छह वर्षों के कार्यकाल में, ब्रिटिश सैनिकों को ब्रिटिश इतिहास में किसी भी अन्य प्रधानमंत्री की तुलना में पांच बार युद्ध करने का आदेश दिया था। 
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2000 - 2004: अमेरिका में बदली सत्ता, तो चीन में कम हुई जेमिन की पावर

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व्लादिमीर पुतिन

2000 में 53 फीसदी मतों से जीतकर व्लादिमीर पुतिन पहली बार रूस के राष्ट्रपति बने और वित्त मंत्री मिखाइल कास्यानोव को प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया। इस दौरान उन्होंने यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ अपने संबंध मजबूत किए, नाटो के साथ सहयोग की शुरुआत की और रूस को विश्व व्यापार संगठन का सदस्य बनाने का काम किया। 

  • अमेरिका : यहां सत्ता बदल चुकी थी। अब जॉर्ज बुश ने राष्ट्रपति का कार्यभार संभाल लिया था। बुश ने रूस के साथ स्ट्रैटेजिक ऑफेंसिव रिडक्शन्स ट्रीटी पर हस्ताक्षर किए और रूस के साथ एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल संधि (ABM) सहित कई अंतरराष्ट्रीय समझौतों खत्म कर दिए।
  • चीन - देश में जियांग जेमिन की पावर कम होते जा रही थी। 2002 में जियांग ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव का पद छोड़ दिया। 2003 में चीन के जनवादी गणराज्य के राष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दिया। वहीं 2004 में आते-आते जियांग ने पार्टी के केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष के रूप में अपना पद त्याग दिया। इसने चीन में जियांग के युग के अंत को चिन्हित किया।
  • फ्रांस - वर्ष 2000 में फ्रांस में एक संवैधानिक जनमत संग्रह आयोजित किया गया और राष्ट्रपति के जनादेश को सात साल से घटाकर पांच साल कर दिया गया। 2002 में फ्रेंच प्रेसिडेंशियल इलेक्शन में शिराक 82.2 फीसदी वोटों से जीतकर वापस सत्ता में आए। अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान शिराक के पास बहुत कम अप्रूवल रेटिंग थी और उन्हें आधुनिक फ्रांसीसी राजनीतिक इतिहास में सबसे कम लोकप्रिय राष्ट्रपतियों में से एक माना जाता था।
  • ब्रिटेन - यहां युद्ध की स्थिति थी। आतंकवाद के खिलाफ युद्ध के दौरान, टोनी ब्लेयर ने जॉर्ज डब्ल्यू बुश प्रशासन की विदेश नीति का समर्थन किया और यह सुनिश्चित किया कि ब्रिटिश सशस्त्र बल 2001 से अफगानिस्तान में युद्ध में भाग लें और अधिक विवादास्पद रूप से, 2003 में इराक पर आक्रमण।

2004-2008: पुतिन बने प्रधानमंत्री, चीन व ब्रिटेन में बदली सत्ता

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व्लादिमीर पुतिन

साल 2007 में पुतिन का दूसरा कार्यकाल समाप्त होने जा रहा था। वर्ष 1993 के रूस के संविधान के अनुसार एक राष्ट्रपति केवल लगातार दो बार ही इस पद का कार्य संभाल सकते हैं। ऐसे में 2007 में दिसंबर माह में पुतिन ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर दिमित्री मेदवेदेव को सबके सामने पेश किया और वह चार सालों तक प्रधानमंत्री बने रहे।
  • अमेरिका : 2004 के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन केरी को हराकर बुश को दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुना गया। अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान, बुश ने कई मुक्त व्यापार (फ्री ट्रेड) समझौते भी किए।
  • चीन - मार्च 2003 में नेशनल पीपुल्स कांग्रेस द्वारा हू जिंताओ को चीन का राष्ट्रपति चुना गया। सितंबर 2004 में वे और ताकतवर हो गए, जब जियांग के इस्तीफे देने के बाद उन्हें केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के अध्यक्ष के लिए नामित किया गया।
  • फ्रांस - निकोलस सरकोजी ने 2007 के फ्रांसीसी राष्ट्रपति चुनाव में सोशलिस्ट सेगोलेन रॉयल के खिलाफ 53.1% से 46.9% के अंतर से जीत हासिल की। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्हें 2007-2008 के वित्तीय संकट, रूसो-जॉर्जियाई युद्ध और अरब स्प्रिंग का सामना करना पड़ा। 
  • ब्रिटेन - 2007 में, टोनी ब्लेयर ने प्रधानमंत्री और श्रम नेता के रूप में इस्तीफा दे दिया, और ब्राउन को उनकी जगह लेने के लिए निर्विरोध चुना गया। 2008 में, ब्राउन की सरकार ने दुनिया का पहला जलवायु परिवर्तन अधिनियम पारित किया, और 2010 में समानता अधिनियम पेश किया।
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2008-2012: रूस में राष्ट्रपति का कार्यकाल बदलने का प्रस्ताव

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व्लादिमीर पुतिन - फोटो : social media

साल 2008 में नवनिवार्चत राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने अनुच्छेद 81 में बदलाव कर राष्ट्रपति पद का कार्यकाल चार से छह वर्ष और अनुच्छेद 93 में बदलाव कर रूस की संसद ड्यूमा के कार्यकाल को चार साल से बढ़ाकर पांचा साल करने का प्रस्ताव पेश किया।
  • अमेरिका: ओबामा ने आम चुनाव जितकर अमेरिका 44वें राष्ट्रपति बने। नौ महीने बाद, उन्हें 2009 का नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता के रूप में नामित किया गया था। ओबामा ने अपने कार्यकाल के पहले दो वर्षों के दौरान कई ऐतिहासिक विधेयकों पर हस्ताक्षर किए।
  • चीन: नवंबर 2012 में हू ने महासचिव के रूप में पद छोड़ दिया, और पार्टी कांग्रेस ने शी जिनपिंग को कार्यालय के लिए चुना। उसी समय, हू ने सीएमसी के अध्यक्ष के रूप में शी के लिए अपना पद छोड़ दिया, जो तब तक आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके थे।
  • फ्रांस: 6 मई 2007 को, निकोलस सरकोजी पांचवें गणराज्य (जिसे 1958 में स्थापित किया गया था) के राष्ट्रपति चुने जाने वाले छठे व्यक्ति और फ्रांसीसी इतिहास में 23 वें राष्ट्रपति बने।
  • ब्रिटेन: 2010 के आम चुनाव के परिणामस्वरूप कैमरून के नेतृत्व में कंजरवेटिव्स ने सबसे अधिक सीटें (306) जीतीं। हालांकि, यह कुल बहुमत से 20 सीटें कम थी और इसके परिणामस्वरूप फरवरी 1974 के बाद से देश की पहली त्रिशंकु संसद बनी थी। 
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2012- वर्तमान: 2036 तक सत्ता में बने रहने का कानून

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व्लादिमीर पुतिन - फोटो : Social media

4 मार्च 2012 को पुतिन ने 63.6% मतों के साथ 2012 का राष्ट्रपति चुनाव पहले ही दौर में जीत लिया। 2018 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में पुतिन ने 76% वोट से अधिक के साथ जीत हासिल की। 22 दिसंबर 2020 को, पुतिन ने रूसी पूर्व राष्ट्रपतियों को आजीवन अभियोजन प्रतिरक्षा प्रदान करने वाले एक विधेयक पर हस्ताक्षर किया। वहीं 2021 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक और कानून पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत पुतिन 2036 तक रूस के राष्ट्रपति बने रह सकते हैं।
  • अमेरिका: डोनाल्ड ट्रम्प ने 2016 में राष्ट्रपति चुनाव जीता। डोनाल्ड ट्रम्प, पूर्व सैन्य या सरकारी सेवा के बिना राष्ट्रपति बनने वाले पहले अमेरिकी थे। जो बाइडेन ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उपराष्ट्रपति माइक पेंस को हराया। बाइडेन सबसे उम्रदराज निर्वाचित राष्ट्रपति हैं।
  • चीन: 14 मार्च 2013 को, शी जिनपिंग को नेशनल पीपुल्स कांग्रेस द्वारा चीन का राष्ट्रपति चुना गया था।
  • फ्रांस: फ्रांकोइस होलांडे ने राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता और औपचारिक रूप से 14 मई 2017 को राष्ट्रपति बने। इमैनुएल मैक्रो फ्रांस के राष्ट्रपति चुने गए। 39 साल की उम्र में मैक्रों फ्रांस के इतिहास में सबसे कम उम्र के राष्ट्रपति बने।
  • ब्रिटेन: जुलाई 2016 में, डेविड कैमरन के इस्तीफा देने के बाद, थेरेसा मेय कंजर्वेटिव पार्टी के नेता चुनी गई और मार्गरेट थैचर के बाद यूके की दूसरी महिला प्रधानमंत्री बनीं। वह राज्य के दो महान कार्यालयों को संभालने वाली पहली और आज तक की एकमात्र महिला हैं। उन्होंने इस्तीफा दे दिया और उनके पूर्व विदेश सचिव बोरिस जॉनसन ने 2019 में उनकी जगह ली।
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