छात्र संगठनों ने रेलवे के चेयरमैन की बर्खास्तगी की मांग करते हुए कहा कि यदि 10 दिनों में रिजल्ट नहीं जारी किया जाता है तो आंदोलन और उग्र होगा। आंदोलनकारी छात्रों की मांग है कि जो परिणाम घोषित किए गए हैं उसे सरकार रद्द कर फिर से उत्तर पत्र का मूल्यांकन कर रिजल्ट घोषित करें। प्रदर्शन के मद्देनजर प्रशासन द्वारा सभी रेलवे स्टेशनों पर पुलिस बल की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद पटना, दरभंगा, लखीसराय एवं सहरसा में रेल सेवा को बाधित रही। राजधानी पटना सहित बक्सर, आरा, औरंगाबाद, जहानाबाद, गया दरभंगा वैशाली मुजफ्फरपुर आदि जगह पर छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया। कहीं-कहीं गाड़ियों के शीशे भी तोड़े गए। औरंगाबाद जिले में विभिन्न छात्र संगठनों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया और टायर जलाकर दुकानें बंद कराईं।
जिला मुख्यालय समेत जिले के विभिन्न हिस्सों में छात्रों ने प्रदर्शन किया। हसपुरा प्रखंड मुख्यालय में छात्रों ने बाजार को बंद करा दिया। बस स्टैंड तीन मुहान पर टायर जलाकर जमकर प्रदर्शन किया और पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे भी लगाए। हसपुरा में सुबह से ही बाजार बंद का असर दिखने लगा था। बड़े वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई और पटना जाने वाली गाड़ियां बंद रहीं। बंद को लेकर राजद कार्यकर्ता हाजीपुर, पटना में कई जगहों पर उतरे और सड़क पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया। वहीं, पटना के गांधी सेतु पर जन अधिकार पार्टी (जाप) कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर आगजनी कर बंद का समर्थन किया।