राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर गत 20 अगस्त को इस योजना की घोषणा की थी। विभाग ने तत्परता से विस्तृत नियम बनाकर यह योजना इसी सत्र से लागू कर दी। इसके तहत ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड एवं स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय जैसी दुनिया की नामचीन 50 संस्थानों से स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी एवं पोस्ट डॉक्टोरल स्तर पर अध्ययन के लिए 200 मेधावी विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। विद्यार्थियों के यात्रा किराया, ट्यूशन फीस सहित संपूर्ण खर्च भी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
30 फीसदी अवार्ड छात्राओं के लिए चिह्वित
भाटी ने बताया कि स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों के लिए केवल मानवीकी से संबंधित विषयों के अध्ययन के लिए ही छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। हर साल 200 मेधावी विद्यार्थियों में से 30 फीसदी अवार्ड छात्राओं के लिए चिह्वित रखते हुए 60 छात्राओं को अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने से पूर्व आवेदकों का संबंधित विदेशी संस्थानों में प्रवेश होना जरूरी है। इस योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष 8 लाख से कम पारिवारिक आय वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
इन विषयों में मिलेगी स्कॉलरशिप
कॉलेज आयुक्त संदेश नायक ने योजना के अन्तर्गत आने वाले विषयों और उनसे संबंधित अवार्ड की जानकारी देते हुए बताया कि ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंस, एग्रीकल्चर एंड फॉरेस्ट साइंस, नेचर एंड एनवायरमेंटल साइंस एवं लॉ के लिए 150, मैनेजमेंट एंड बिजनस एडमिनिस्ट्रेशन एवं इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंस के लिए 25 और प्योर साइंस एवं पब्लिक हेल्थ विषयों के लिए 25 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी जाएगी। इन विषयों में स्थान रिक्त रहने की दशा में इंजीनियरिंग एंड रिलेटेड साइंस, मेडिसिन तथा एप्लाइड साइंस में अधिकतम 15 उम्मीदवारों को छात्रवृत्ति दी जा सकेगी।