बता दें राज्य सभी में मंत्री ने सवाल किया था कि क्या सरकार ने सभी स्कूलों में पीने के पानी और स्वच्छता की सुविधा प्रदान करने के लिए कोई समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित किया है? इस प्रश्न के जवाब में मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा, “शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची में है और अधिकांश स्कूल संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बार-बार यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि उनके अधिकार क्षेत्र में गैर-सरकारी क्षेत्र जैसे कि निजी, सहायता प्राप्त विद्यालय सहित सभी स्कूलों में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय का प्रावधान होना चाहिए। सभी बच्चों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल की भी सुविधाएं होनी चाहिए।”
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वहीं सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए डेटा के अनुसार लड़कियों के 40,513 स्कूलों में और लड़कों के लिए 3,86,144 स्कूलों में शौचालय है। पेयजल आपूर्ति की बात करें तो यह केवल 83,109 स्कूल्स में मौजूद है।
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