शिक्षा मंत्री के अनुसार, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों (वोकेशनल कोर्सेस) और सेमेस्टर सिस्टम वाले पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं भी ऑनलाइन मोड में ही आयोजित की जाएंगी। जिन विषयों के दो या तीन प्रश्नपत्र हैं, उनके सभी प्रश्न पत्र एक ही पाली में आयोजित किए जाएंगे। हालांकि जरूरत पड़ने पर परीक्षा केंद्रों को बढ़ाया भी जा सकता है।
वहीं पीजी पाठ्यक्रमों के संबंध में शिक्षा मंत्री कहते हैं कि प्रथम वर्ष की कक्षाएं भी 10 जुलाई से शुरू हो रही हैं। स्थिति सामान्य होने के बाद परीक्षाएं कराई जाएंगी और 31 दिसंबर तक परिणाम घोषित किए जाएंगे।
संक्रमित होने पर परीक्षा में सम्मिलित होने का मिलेगा अवसर
गृह विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर कोविड प्रोटोकॉल का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। कोविड से संक्रमित कोई भी अभ्यर्थी, यदि परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाता है, या कोई अभ्यर्थी परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं है, तो उसे परीक्षा में सम्मिलित होने का विशेष अवसर दिया जाएगा। भाटी ने कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों और उनमें कार्यरत शिक्षकों और अन्य कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाएगा।