दिव्यांग बच्ची के सिर पर फेरा हाथ
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के समापन के बाद पीएम मोदी मंच से नीचे उतरे और नीचे बैठे बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दिव्यांग बच्चों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। पीएम मोदी ने एक दिव्यांग बच्ची के सिर पर हाथ फेरकर उसके साथ बातचीत की।
विश्वास की कमी पर भी बोले पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये शिक्षक और माता-पिता के लिए सोचने का विषय है कि ऐसा क्या कारण है कि हम पारिवारिक जीवन में भी विश्वास की कमी का अनुभव कर रहे हैं। ये विश्वास की कमी अचानक नहीं होता है। एक लंबे कालखंड से गुजरकर निकलती है। इसलिए हर माता-पिता, हर शिक्षक और हर छात्र को बहुत बारीकि से अपने आचरण का विश्लेषण करना चाहिए। क्या आप जो कहते है उसका सच में पालन करते हैं?
शरीर को चार्ज करने की जरूरत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपमें से बहुत सारे छात्र मोबाइल फोन का उपयोग करते होंगे। कुछ लोग होंगे, जिन्हें घंटों तक मोबाइल फोन की आदत हो गई होगी। मोबाइल जैसी चीज जिसे रोजमर्रा देखते हैं उसे भी चार्ज करना पड़ता है। अगर मोबाइल को करना पड़ता है तो इस शरीर को करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए?
खुद से करें स्पर्धा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपके दोस्त से आपको किस चीज की स्पर्धा है? मान लीजिए 100 नंबर का पेपर है। आपका दोस्त अगर 90 नंबर ले आया तो क्या आपके लिए 10 नंबर बचे? आपके लिए भी 100 नंबर हैं। आपको उससे स्पर्धा नहीं करनी है आपको खुद से स्पर्धा करनी है। उससे द्वेष करने की जरूरत नहीं है। असल में वो आपके लिए प्रेरणा बन सकता है। अगर यही मानसिकता रही तो आप अपने से तेज तरार व्यक्ति को दोस्त ही नहीं बनाएंगे।
लिखने की आदत डालें
पीएम मोदी ने कहा कि आज के युग में टेक्नोलॉजी के कारण लिखने की आदत कम हो गई है, जबकि एग्जाम में लिखना होता है। इसलिए रोज आप खुद अपनी नोटबुक में कुछ न कुछ जरूर लिखें। लिखने की आदत डालें।