पूर्वजों ने पहले ही कर दिया था कई खगोलीय घटनाओं का वर्णन
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब धरती के आकार को लेकर दुनियाभर में भ्रम था, तब आर्यभट्ट ने अपने ग्रंथ "आर्यभट्टीय" में विस्तार से इसका वर्णन किया था कि पृथ्वी गोल है। इसके अलावा उन्होंने "सूर्यसिद्धांत" ग्रंथ का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि भारत के इतिहास में अंतरिक्ष से जुड़े कई रहस्य हमारे पूर्वजों ने बहुत पहले ही खोल दिए थे। उन्होंने कहा कि पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूमना, सूर्य की परिक्रमा करना, सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण सहित कई खगोलीय घटनाओं का वर्णन मारे पूर्वजों ने इतिहास में बहुत पहले ही कर दिया था, जिनकी पुष्टि बाद में विज्ञान ने की।
पीएम मोदी ने देश के युवाओं को दिया टास्क
उन्होंने कहा कि हमारे यहां सैंकड़ो वर्षों पहले के पंचांग पहले ही बना कर रख लिए जाते थे। उन्होंने इससे जुड़ा एक टास्क देश के युवाओं और छात्रों को देते हुए कहा कि "मैं चाहता हूं कि भारत के शास्त्रों में जो खगोलीय सूत्र हैं, उन्हे साइंटिफिकली प्रूव करने के लिए, नए सिरे से उनके अधय्यन के लिए नई पीढ़ी आगे आए। ये हमारी विरासत के लिए भी जरूरी है और विज्ञान के लिए भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं, स्कूल के छात्रों और रिसर्चर्स का ये दायित्व है कि भारत के पास विज्ञान के ज्ञान का जो खजाना है, जो ज्ञान हमारे पूर्वज इतिहास में हमारे लिए छोड़कर गए हैं, उस पर रिसर्च करें और उसे दुनिया के सामने लेकर आएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में युवाओं के करने के लिए काफी संभावनाएं हैं। देश के युवाओं से प्रधानमंत्री ने कहा कि वो डीप अर्थ और डीप-सी दोनों को एक्सप्लोर करें। नेक्स्ट जनरेशन कंप्यूटर बनाएं और साथ ही जेनेटिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी अपने पैर जमाएं।
1 सितंबर को लॉन्च होगी MYGov क्विज
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान बताया कि MyGov पोर्टल, चंद्रयान-3 को लेकर एक बहुत बडे़ क्विज कॉम्पीटीशन को लॉन्च करने वाला है। इसकी शुरुआत 1 सितंबर से होने वाली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के स्टूडेंट्स के लिए यह एक बढ़िया मौका है। पीएम ने देशभर के छात्रों से आग्रह किया है कि वो इस क्विज में हिस्सा लें।
चांद की इन जगहों का हुआ नामकरण
प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की है कि 23 अगस्त को, जिस दिन भारत का चंद्रयान-3 चांद पर लैंड हुआ, उसे अब हर साल राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस (National Space Day) के रूप में मनाया जाएगा। इसके अलावा, चांद पर जिस जगह चंद्रयान-3 का लैंडर लैंड हुआ, उसे शिव-शक्ति प्वॉइंट के नाम से जाना जाएगा। चांद के जिस स्थान पर चंद्रयान-2 ने अपने पदचिन्ह छोड़े हैं, उसे "तिरंगा" नाम दिया गया है।