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ओडिशा बोर्ड : कक्षा 10वीं की परीक्षा शुरू, बीजद विधायक समेत शामिल हो रहे 5.8 लाख परीक्षार्थी

Fri, 29 Apr 2022 05:54 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Odisha Board Exam: यह खास परीक्षार्थी बीजद यानी सत्ताधारी बीजू जनता दल के विधायक अंगद कन्हार हैं। 56 वर्षीय कन्हार इस बार अपने बच्चों से भी छोटी उम्र के युवा साथियों के साथ 10वीं की परीक्षा दे रहे हैं। 
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बीजद विधायक अंगद कन्हार, ओडिशा - फोटो : BJD
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विस्तार
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Odisha Board Exam: ओडिशा बोर्ड की 10वीं परीक्षा शुक्रवार को शुरू हो चुकी है। 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 5.8 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। लेकिन इनमें एक परीक्षार्थी बेहद खास व्यक्ति है।

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यह खास परीक्षार्थी बीजद यानी सत्ताधारी बीजू जनता दल के विधायक अंगद कन्हार हैं। 56 वर्षीय कन्हार इस बार अपने बच्चों से भी छोटी उम्र के युवा साथियों के साथ 10वीं की परीक्षा दे रहे हैं। 

3,540 केंद्रों पर आयोजित की जा रही बोर्ड परीक्षा

बता दें कि इस साल 10वीं कक्षा की राज्य बोर्ड परीक्षा में कुल 5,85,730 छात्र शामिल हो रहे हैं। परीक्षा 3,540 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए 35,000 से अधिक शिक्षकों को लगाया गया है। वहीं, कदाचार को रोकने के लिए बोर्ड की ओर से विशेष दस्ते को तैनात किया गया है।

कंधमाल जिले के परीक्षा केंद्र में पेपर देने पहुंचे थे विधायक

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में चल रही गर्मी की स्थिति को देखते हुए लगभग परीक्षाएं सुबह 8-9.30 बजे के बीच आयोजित की जा रही हैं। बीजद विधायक अंगद कन्हार उन 5.8 लाख छात्रों में शामिल हैं जो कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। अंगद कन्हार ओडिशा के फूलबनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं। कन्हार, कंधमाल जिले के पीताबारी गांव के रुजंगी हाई स्कूल में शुक्रवार को 10वीं बोर्ड की परीक्षा देने पहुंचे थे।
 

विधायक बोले- ड्राइवर और पंचायत सदस्यों से मिली प्रेरणा

विधायक कन्हार ने मीडिया को बताया कि पंचायत के कुछ सदस्यों और मेरे ड्राइवर ने मुझे परीक्षा में बैठने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि मैं परीक्षा पास करूंगा या फेल हो जाउंगा, लेकिन मैंने अपना पेपर मैट्रिक की डिग्री हासिल करने के इरादे से लिखा था। वहीं, विधायक के एक करीबी ने कहा कि कन्हार ने 1978 में पढ़ाई-लिखाई छोड़ दी थी। उन्होंने 2019 में विधायक चुने जाने के बाद कक्षा 8वीं की परीक्षा दी थी। 
 

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विधायक को नहीं मिला कोई सत्कार, नकल विरोधी जांच भी हुई

विधायक जिस केंद्र पर पेपर देने पहुंचे थे, वहां की परीक्षा केंद्र अधीक्षक अर्चना बासा ने कहा कि विधायक को विशिष्ट सत्कार नहीं दिया गया था। उन्होंने अन्य छात्रों के साथ पत्र लिखा। बासा ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी के विधायक होने के बावजूद भी परीक्षा में बैठने की अनुमति देने से पहले नकल विरोधी नियमों के तहत उन्हें भी दूसरे परीक्षार्थियों की तरह ही पूरी तरह से जांचा गया था। 

 
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