आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ मेडिकल कॉलेजों ने मंजूर एमबीबीएस सीटों के अलावा 10 फीसदी और बढ़ोतरी कर छात्रों का प्रवेश भी ले लिया। जब इनसे कारण पूछे गए तो इन्होंने सरकार के ईडब्ल्यूएस कोटा का हवाला दिया।
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने देश के मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया है कि आर्थिक रुप से कमजोर यानी ईडब्ल्यूएस कोटा का सही तरह से पालन किया जाए। शुक्रवार को आयोग ने सभी मेडिकल कॉलेज के निदेशकों को पत्र लिखते हुए कहा है कि केंद्र सरकार ने ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों के लिए 10 फीसदी आरक्षण तय किया है।
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इसका मतलब यह कतई नहीं है कि अतिरिक्त 10 फीसदी सीटें बढ़ाकर प्रवेश किया जाए। मौजूदा समय में आयोग की ओर से एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए जितनी सीटें मंजूर की गई हैं उन्हीं में से आरक्षित सीटों पर प्रवेश दिया जा सकता है।
ईडब्ल्यूएस कोटा का हवाला दिया
आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ मेडिकल कॉलेजों ने मंजूर एमबीबीएस सीटों के अलावा 10 फीसदी और बढ़ोतरी कर छात्रों का प्रवेश भी ले लिया। जब इनसे कारण पूछे गए तो इन्होंने सरकार के ईडब्ल्यूएस कोटा का हवाला दिया।
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यह प्रक्रिया नियमों के बिलकुल अलग है। उदाहरण देते हुए अधिकारी ने कहा कि अगर किसी मेडिकल कॉलेज के पास एमबीबीएस की 100 सीट पर प्रवेश की अनुमति है तो इन्हीं में से 10 फीसदी सीटें ईडब्ल्यूएस छात्रों को दी जा सकती हैं। ईडब्ल्यूएस के नाम पर 100 के अलावा 110 सीटें नहीं की जा सकती हैं।