सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा
यह मामला तब सामने आया जब एक अभ्यर्थी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर इस मुद्दे को उजागर किया। उसने दावा किया कि एक टेलीग्राम चैनल पर सभी नीट पीजी अभ्यर्थियों का डेटा 15,000 रुपये में बेचने का विज्ञापन डाला गया था।
अभ्यर्थी ने बताया, 'मैंने उसकी जानकारी परखने के लिए अपनी रैंक दी। उसने बिल्कुल सही जानकारी दी। मेरा नाम, पिता का नाम, ईमेल आईडी, फोन नंबर, राज्य सबकुछ मेल खा रहा था।'
एक यूजर ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा, 'चौंकाने वाला है! NEET PG छात्रों की निजी जानकारी - एप्लिकेशन आईडी, ईमेल, संपर्क नंबर, रोल नंबर ऑनलाइन बेची जा रही है।'
उन्होंने आगे लिखा, 'यह भरोसे का गंभीर उल्लंघन है। NMC और इस काम में शामिल आईटी कंपनी दोनों को शर्म आनी चाहिए। यह छात्रों की मेहनत और गोपनीयता के साथ विश्वासघात है।'
वहीं, एक अन्य यूजर ने सोशल मीडिया पर विज्ञापन का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा, '1,38,456 NEET PG अभ्यर्थियों का डेटा सिर्फ ₹3,599 में ऑनलाइन बिक रहा है। बताया जा रहा है कि वेबसाइट संभावित खरीदारों का भरोसा जीतने के लिए कुछ डेटा सार्वजनिक रूप से दिखा रही है।'
इस खुलासे के बाद नीट पीजी अभ्यर्थियों और डॉक्टरों में भारी आक्रोश है। वे पहले से ही परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे।
NBEMS पर दबाव
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) पहले से ही जांच के घेरे में है। अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर परीक्षा में पारदर्शिता और नीट पीजी आंसर-की और प्रश्नपत्र जारी करने की मांग की है।
हालांकि, इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। एक अधिकारी ने Indian Express को बताया कि डेटा लीक NBEMS के बाद की किसी तकनीकी प्रक्रिया में भी हो सकता है।
26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड को दो सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया था। तय शेड्यूल के अनुसार, मामला 28 अक्तूबर को शीर्ष अदालत में सुना जाएगा।
इस बीच, अभ्यर्थी काउंसलिंग का शेड्यूल जारी होने का इंतजार कर रहे हैं, जो पिछले साल की तुलना में इस बार और ज्यादा देरी से आ रहा है।