एनसीआरएफ स्कूलों, संस्थानों, उद्योग और सरकार सहित विभिन्न स्तरों पर लाभान्वित करेगा। इसका उद्देश्य सभी को प्रभावी कौशल के साथ एकीकृत उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षा के अवसर प्रदान करना है। यह सामान्य और व्यावसायिक संस्थानों के बीच के अंतर को दूर करता है और विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला, मानविकी और खेल में बहु-अनुशासनात्मकता और समग्र शिक्षा को पूरा करता है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क पर सार्वजनिक परामर्श का शुभारंभ किया गया है।
मंत्रालय ने बयान में कहा है कि एनसीआरएफ को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए विकसित किया गया है। यह सामान्य और व्यावसायिक शिक्षा और उम्मीदवारों के लिए आजीवन सीखने में कई प्रवेश-एकाधिक निकास (मल्टीपल एंट्री-मल्टीपल एग्जिट) की राह को आसान करने में मदद करेगा। यह क्रेडिट ट्रांसफर के प्रावधान के माध्यम से शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण को बढ़ावा देने में मदद करेगा और विदेशी स्कूल बोर्डों और विश्वविद्यालयों के साथ आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एनसीआरएफ बहु-विषयक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों के एकीकरण को बढ़ावा देने, संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग, सरल और समान क्रेडिट तंत्र, और अनुसंधान और नवाचार पर अधिक ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगा। यह हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स में डिजिटल लर्निंग और ओपन डिस्टेंस लर्निंग को बढ़ावा देगा।