आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा कि बाल अधिकार निकाय पिछले एक साल से लगातार सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) से मदरसों में जाने वाले या रहने वाले हिंदू और अन्य गैर-मुस्लिम बच्चों की पहचान करने और उन्हें स्थानांतरित करने और प्रवेश दिलाने के लिए कह रहा है। आयोग ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से "सभी गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों की मैपिंग करके वहां नामांकित बच्चों को बुनियादी शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था करने" के लिए भी कहा था।
हरियाणा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, मेघालय और तेलंगाना के मुख्य सचिवों को तलब किया है। हरियाणा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिवों को 12 जनवरी को जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और गोवा के मुख्य सचिवों को 15 जनवरी को बुलाया गया है। झारखंड के मुख्य सचिव को 16 जनवरी को जबकि कर्नाटक और केरल के मुख्य सचिव को 17 जनवरी को बुलाया गया है। मध्य प्रदेश, मेघालय और तेलंगाना के मुख्य सचिव को 18 जनवरी को बुलाया गया है।