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NCERT: इस साल पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन को तीन गुना बढ़ाएगा एनसीईआरटी, छापेगा 15 करोड़ किताबें: शिक्षा मंत्री

Tue, 08 Oct 2024 08:54 AM IST
मेघा झा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

NCERT: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद इस साल पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन को तीन गुना बढ़ाएगी और 15 करोड़ किताबें छापेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसकी घोषणा की। जो कि पिछले बार से लगभग तीन गुना है।
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NCERT - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
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NCERT: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद इस साल पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन को तीन गुना बढ़ाएगी और 15 करोड़ किताबें छापेगी।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसकी घोषणा की। जो कि पिछले बार से लगभग तीन गुना है। शिक्षा मंत्री ने हाल ही में एनसीईआरटी और अमेज़न के बीच अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा, "एनसीईआरटी 1963 से पाठ्यपुस्तकों का प्रकाशन करके भारत के शिक्षा परिदृश्य को आकार दे रहा है, जिसमें कुल मिलाकर लगभग 220 करोड़ किताबें और पत्रिकाएं हैं। एनसीईआरटी देश के लिए एक प्रमुख थिंक टैंक है। ये किताबें देश भर में लगभग 20,000 पिन कोड पर उपलब्ध कराई जाएंगी। किताबें एमआरपी पर उपलब्ध होनी चाहिए।"

अमृत काल के 300 मिलियन छात्रों के लिए सीखने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने की कोशिश की है। धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि ई-पुस्तकों के विकास का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ये इंटरैक्टिव और एआई-संचालित हैं, जिसमें बोलने वाली किताबें जैसे नवाचार शामिल हैं।  सभी ग्रेड की एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें ऑनलाइन पर उपलब्ध कराई जाएंगी। शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "इससे आपूर्ति में कमी, देरी से उपलब्धता और पाठ्यपुस्तकों की क्षेत्रीय कमी जैसी चुनौतियों का समाधान होगा, जिससे शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित होगी।"
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इन पाठ्यपुस्तकों को पाठ्यपुस्तकों पर छपी दर से अधिक कीमत पर खुदरा नहीं किया जाएगा। इस प्लेटफ़ॉर्म पर केवल मूल एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें ही खुदरा बेची जाएंगी। इससे पायरेटेड एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों की बिक्री पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। "ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एनसीईआरटी को उन अनधिकृत विक्रेताओं की निगरानी करनी होगी। साथ ही उन्हें पकड़ने में मदद करेगा जो नकली या अधिक कीमत वाली किताबें वितरित करते हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बड़े वितरण नेटवर्क के माध्यम से, छात्र और स्कूल, यहां तक कि सबसे दूरदराज के क्षेत्रों में भी, निर्धारित कीमतों पर पाठ्यपुस्तकें खरीद सकेंगे।

व्यक्तिगत ग्राहकों की सेवा करने के अलावा, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एनसीईआरटी के साथ मिलकर सरकारी एजेंसियों और स्कूलों के लिए थोक ऑर्डरिंग को सरल बनाएगा। जिससे संस्थानों के लिए बड़ी मात्रा में पाठ्यपुस्तकें खरीदना आसान हो जाएगा। यह प्रयास छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए जरूरी संसाधनों तक पहुंच को आसान बनाएगा। 
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बता दें कि अमेजन इंडिया के उपाध्यक्ष (श्रेणियां) सौरभ श्रीवास्तव ने कहा, "आवश्यक उत्पादों को आसानी से सुलभ बनाने के लिए अमेजन पर हर दिन देश भर के लाखों भारतीय भरोसा करते हैं, और हमारा मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कोई अपवाद नहीं होनी चाहिए।"
 
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