उन्होंने ट्विटर पर साझा किए वीडियो संदेश में कहा कि 95 फीसदी बच्चे जिनकी उम्र 06 से 10 वर्ष के बीच है, वे स्कूल जा रहे हैं। ज्यादा बच्चों तक शिक्षा की पहुंच हो सकी है। जिससे उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। यह कदम वाकई में प्रेरणादाई है। निपुण भारत योजना इस क्षेत्र में बच्चों के माइंड के विकास में कारगर साबित हो रही है, उन्हें आगे बढ़ने के लिए गाइडेंस भी दे रही है।
उन्होंने आगे कहा कि इसके तहत शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। शिक्षा के तरीके में बदलाव हुआ है। यह पूरी यात्रा गर्व की अनुभूति और प्रेरणादायक है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा के भविष्य को देखते हुए सुधार किए जा रहे हैं। एक नया स्वरूप देने की कोशिश चल रही है। जो हर बच्चे तक आसानी से पहुंच सके। उसके लिए सुलभ हो।
उन्होंने कहाकि यूनिसेफ की तरफ से सभी निष्ठावान शिक्षकों, अभिभावकों, सभी मदद करने वाली कम्युनिटीज, जिन्होंने इसे सफल बनाया है उन्हें सभी को हृदय से बधाई। शिक्षा केवल किताबों और परीक्षा तक ही नहीं सीमित है, बल्कि यह उत्सुकता और जानने की ललक भी, समस्याओं के निदान, भावनात्मक रूप से कैसे मजबूत बनें, युवा कैसे देश दुनिया की चीजों से निपटें ये सब भी शिक्षा से ही संभव है।