Patanjali University: पतंजलि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद द्वारा उच्च अंकों के साथ ए+ ग्रेड प्रदान किया गया है। पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति स्वामी रामदेव ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य जीवन के सभी क्षेत्रों में युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना है।
Patanjali University: पतंजलि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की ओर से उच्च अंकों के साथ ए+ ग्रेड प्रदान किया गया है। इस रैंकिंग के साथ यह भारत में सर्वोच्च रेटिंग वाला योग विश्वविद्यालय बन गया है।
नैक की घोषणा के बाद विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कुलाधिपति स्वामी रामदेव ने पतंजलि विश्वविद्यालय की स्थापना के प्राथमिक उद्देश्य की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय का प्राथमिक उद्देश्य एक सक्षम युवा शक्ति का विकास करना है जो भारत को एक समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाएगा।
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स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय का उद्देश्य प्राचीन वैदिक ज्ञान एवं आधुनिक विज्ञान का एकीकरण एवं समन्वय, यहां युवा शक्ति की जीवनशैली, विज्ञान और आध्यात्म के समन्वय से है, जिससे भारत की समग्र प्राचीन ज्ञान परम्परा एवं संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन हो सके। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि युवाओं को खण्ड-खण्ड नहीं बल्कि अखण्ड भारत का बोध हो, उन्हें भारत की समूची सांस्कृतिक यात्रा एवं सामूहिक प्रज्ञा की समझ हो।
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इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना एक विशेष उद्देश्य के लिए की गई है, जिसे ध्यान में रखते हुए इससे जुड़े सभी लोगों को अपेक्षित मानदंडों का पालन करना चाहिए।
भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष एनपी सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा में वैश्विक मानकों के अनुसार युवाओं के व्यक्तित्व का विकास करना है, जिससे जिम्मेदार और उत्पादक नागरिक तैयार हों, जिसका लाभ देश और दुनिया को मिले। उन्होंने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय वैश्विक मानकों के अनुसार आदर्श व्यक्तित्व विकसित करने के लिए एक आदर्श संस्थान है।
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इसी श्रंखला में भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष डा. एनपी सिंह (सेवानिवृत आईएएस) ने कहा कि आज के वैश्विक मानकों में उच्च शिक्षा संस्थानों का लक्ष्य है कि ऐसे युवा व्यक्तित्व का विकास किया जाए, जो एक उत्तरादायी तथा उत्पादक शक्तियों के नागरिक के रुप से परिपूर्ण हो और राष्ट्र एवं विश्व के लिए उपयोगी हो। पतंजलि विश्वविद्यालय वैश्विक मानकों पर आदर्शतम व्यक्तित्व गढ़ने में उच्च शिक्षा संस्थान है।
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विश्वविद्यालय के कुलाधिपति स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य भारत को समृद्ध रुप से आत्मनिर्भर राष्ट्र के रुप में विकसित करने हेतु सक्षम युवा शक्ति को गढ़ना है और यह तभी संभव है, जब युवाओं का व्यक्तित्व योगमूलक हो और सभी आयामों में सामर्थ्य के साथ-साथ एक सुदृढ़ चरित्र एवं व्यक्तित्व का विकास हो।
स्वामी रामदेव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज की शिक्षा तेजी से नौकरी-केंद्रित होती जा रही है, लेकिन पतंजलि विश्वविद्यालय का लक्ष्य जीवन के सभी क्षेत्रों में युवाओं में नेतृत्व के गुण विकसित करना है।
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उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य ऐसे युवाओं को शिक्षित करना है जो न केवल राष्ट्र का मार्गदर्शन कर सकें, बल्कि वैश्विक मंच पर मानवता का नेतृत्व भी कर सकें।
स्वामी रामदेव ने इस बात पर जोर दिया कि जहां समाज में विभिन्न संस्थाएं क्षमता के विशिष्ट क्षेत्रों को बढ़ाने में योगदान दे सकती हैं, वहीं राष्ट्रीय और वैश्विक परिस्थितियों का समग्र नेतृत्व केवल शिक्षा प्रणाली के माध्यम से ही संभव है और पतंजलि विश्वविद्यालय इसका प्रमाण है।
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उन्होंने बताया कि योग, आयुर्वेद और स्वदेशी के सफल आंदोलनों के बाद, पतंजलि विश्वविद्यालय और अन्य पतंजलि संस्थान अब युवाओं के मस्तिष्क को आकार दे रहे हैं।
गुरुकुल, आचार्यकुलम और पतंजलि विश्वविद्यालय के माध्यम से वे ऐसे युवाओं को तैयार कर रहे हैं जिनमें भारतीय दृष्टिकोण के साथ वैश्विक नेतृत्व की क्षमता है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पिछले 20 वर्षों में पतंजलि विश्वविद्यालय ने योग ज्ञान के क्षेत्र में वैश्विक मानक स्थापित किए हैं।
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स्वामी रामदेव ने इस बात पर भी जोर दिया कि पतंजलि विश्वविद्यालय का उद्देश्य प्राचीन वैदिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ एकीकृत और सुसंगत बनाना है। यहां युवा लोग ऐसी जीवनशैली में डूबे हुए हैं जो विज्ञान और अध्यात्म का मिश्रण है, जिससे भारत के समृद्ध प्राचीन ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित होता है।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि हालांकि पतंजलि विश्वविद्यालय NAAC से A++ ग्रेड प्राप्त करने में सक्षम है, लेकिन इसे A+ ग्रेड संभवतः इसलिए मिला क्योंकि प्रथम मूल्यांकन में आमतौर पर तुलनात्मक रूप से सीमित ग्रेडिंग होती है।