विशेष टीम का हो रहा है गठन
यह परीक्षा 14 दिन तीन पालियों में होगी और बाकी के 14 दिन दो पालियों में होगी। हर शिफ्ट में करीब 1300 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इस बार उड़नदस्ते के अलावा एक रिसर्च टीम का गठन भी किया जा रहा है। यह टीम उन सभी शहरों के होटल्स, लॉज व धर्मशाला जैसी जगहों की चेकिंग करेगी, जहां दूसरे राज्यों से परीक्षार्थी आकर रुकेंगे।
जूते-मोजे, सैंडल, क्लचर और बेल्ट की नहीं है अनुमति
परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों की चार स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी। इस बार परीक्षार्थियों के जूते और मोजे परीक्षा केंद्र के बाहर ही उतरवा लिए जाएंगे। इसलिए चप्पल या सैंडल पहनकर ही परीक्षा देने जाएं। इसके अलावा, क्लचर व बेल्ट पहनकर भी परीक्षा नहीं दे सकते हैं। चेहरा ढका होने पर भी परीक्षा में एंट्री नहीं दी जाएगी। इसके अलावा भी कई ऐसे जरूरी नियम हैं, जिनका परीक्षार्थियों को ख्याल रखना चाहिए।