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सौगात : जंजीबार द्वीपसमूह पर खुला आईआईटी मद्रास का विदेशी कैंपस, विदेश मंत्री की मौजूदगी में हुआ लॉन्च

Thu, 06 Jul 2023 09:09 AM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

सौगात : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को जंजीबार के राष्ट्रपति हुसैन अली म्विनी से मुलाकात की और जंजीबार द्वीपसमूह में आईआईटी मद्रास परिसर की स्थापना पर समझौते पर हस्ताक्षर किए।
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IIT Madras campus in Zanzibar (IIT MZ) - फोटो : IIT MZ
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IIT Madras campus in Zanzibar: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को जंजीबार के राष्ट्रपति हुसैन अली म्विनी से मुलाकात की और जंजीबार द्वीपसमूह में आईआईटी मद्रास परिसर की स्थापना पर समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह पूर्वी अफ्रीकी देश में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भारत की विशेष सौगात है। 

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विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया कि जयशंकर तंजानिया की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहां वह उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे और अपने समकक्ष के साथ 10वीं संयुक्त आयोग की बैठक की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। जंजीबार के राष्ट्रपति के साथ अपनी मुलाकात के बाद जयशंकर ने ट्वीट किया, जंजीबार के राष्ट्रपति डॉ. हुसैन अली म्विनी से मिलकर खुशी हुई।

मजबूत भारत-जंजीबार साझेदारी के प्रति उनकी मजबूत प्रतिबद्धता की सराहना की। हमारी विकास साझेदारी और रक्षा सहयोग ऐसे क्षेत्र हैं जिनके साथ वह निकटता से जुड़े हुए हैं। जयशंकर जंजीबार में आईआईटी मद्रास की स्थापना के समझौते पर हस्ताक्षर के भी गवाह बने। इस अवसर पर जंजीबार के राष्ट्रपति और उनके मंत्री भी उपस्थित थे। 

दोनों देशों के बीच शिक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) अक्तूबर 2023 में तंजानिया के जंजीबार में 50 स्नातक छात्रों और 20 मास्टर छात्रों के एक बैच के साथ अपना पहला विदेशी परिसर खोल रहा है।

 

अबू धाबी और कुआलालंपुर के बाद तीसरा विदेशी कैंपस

नया आईआईटी परिसर जंजीबार में आईआईटी मद्रास एट जंजीबार के नाम से स्थापित किया जाएगा। जंजीबार भारत के बाहर तीन परिसरों में से एक होगा, अन्य अबू धाबी और कुआलालंपुर में स्थित होंगे। जयशंकर ने ट्वीट किया, आईआईटी मद्रास जंजीबार परिसर की स्थापना पर समझौते पर हस्ताक्षर करने का गवाह बना।

इस अवसर पर राष्ट्रपति डॉ. एचए म्विनी की उपस्थिति और उनके मंत्रियों की उपस्थिति की सराहना करता हूं। यह ऐतिहासिक कदम ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  भारत और तंजानिया के बीच घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। 
 
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