महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने घोषणा की कि छात्रों को लिखित परीक्षा के हर एक घंटे के लिए 15 मिनट अतिरिक्त दिए जाएंगे। बुधवार को राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक में यह निर्णय लिया गया। सामंत ने बुधवार को कहा कि महामारी और ऑनलाइन कक्षाओं के कारण छात्रों ने लिखने का अभ्यास खो दिया है। सामंत ने ट्वीट किया, पिछले कुछ समय से छात्रों की ओर से लगातार इस संबंध में मांग की जा रही थी और कुलपतियों के साथ की बैठक में इस बारे में राहत देने का फैसला किया गया।
इसका मतलब यह होगा कि एक घंटे की अवधि के लिए आयोजित परीक्षा के लिए, 15 अतिरिक्त मिनट दिए जाएंगे और दो घंटे के पेपर के लिए छात्रों को 30 मिनट और दिए जाएंगे। वहीं, जो पेपर तीन घंटे का होगा उसमें करीब 45 मिनट अतिरिक्त दिए जाएंगे। जहां मुंबई विश्वविद्यालय में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए सभी परीक्षाएं और पारंपरिक पाठ्यक्रमों के लिए द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएंगी, वहीं पुणे और नागपुर के विश्वविद्यालयों में सभी परीक्षाएं ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएंगी।
मुंबई विश्वविद्यालय द्वारा बुधवार देर शाम जारी एक सर्कुलर में उल्लेख किया गया कि यही नियम कॉलेज स्तर पर आयोजित परीक्षाओं पर भी लागू होगा। शहर के कॉलेजों में सभी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के प्रश्न पत्र वर्णनात्मक और बहुविकल्पीय प्रश्नों के साथ होंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य भर में कई छात्र ऑफलाइन परीक्षा का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि पूरा सेमेस्टर ऑनलाइन मोड में आयोजित किया गया था। कई छात्र संगठनों की ओर से ऑनलाइन परीक्षा की मांग की जा रही है।