Maharashtra Talathis Exam Delay: महाराष्ट्र में तलाठी (राजस्व विभाग के कर्मचारियों) की भर्ती प्रक्रिया के तहत आज, यानी सोमवार को परीक्षा आयोजित थी, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते परीक्षा में देरी हो गई और परीक्षा नही हो पाई। इस बात को लेकर विपक्ष की कांग्रेस ने महाराष्ट्र की राज्य सरकार की आलोचना की ओर इसे "गैरजिम्मेदाराना व्यवहार" कहा है।
महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि राज्य सरकार के इस तरह के "गैरजिम्मेदाराना व्यवहार" को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि अगर कोई उम्मीदवार निराश होकर आत्मघाती कदम उठाता है तो उसकी जिम्मेदार राज्य सरकार होगी।
परीक्षा आयोजित करने के लिए जिम्मेदार टीसीएस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, "तकनीकी टीम के अनुसार, एक केंद्रीय हार्डवेयर मुद्दा था जिसने आज तलाथी भर्ती परीक्षा 2023 के लिए सभी परीक्षा केंद्रों में परीक्षा शुरू होने के समय को प्रभावित किया है।"
वडेट्टीवार ने बाद में कहा कि राज्य सरकार को हर जिले में परीक्षा केंद्र खोलना चाहिए था। इसके बजाय, सरकार ने केवल चार केंद्र स्थापित किए, जिससे उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल होने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ी। उन्होंने कहा, "उम्मीदवार, जो बहुत प्रयास करते थे और रातों की नींद हराम करके उन शहरों में पहुंचे जहां परीक्षा केंद्र स्थित थे, आज सुबह उन्हें पता चला कि उनकी परीक्षा रुक गई है।"
कांग्रेस नेता ने दावा किया, "राज्य सरकार के इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। अगर कोई अभ्यर्थी निराश होकर अपना जीवन समाप्त कर लेता है, तो इसकी जिम्मेदार राज्य सरकार होगी। सरकार ने परीक्षा आयोजित करने के लिए कोई वैकल्पिक प्रावधान भी नहीं किया है।"
वडेट्टीवार ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने परीक्षा शुल्क के रूप में उम्मीदवारों से 1,000 रुपये लिए हैं। उन्होंने कहा, "अब उनका (उम्मीदवारों का) क्या होगा। अगर सरकार तलाठी भर्ती परीक्षा किसी और दिन आयोजित करने का फैसला करती है, तो उसे दोबारा परीक्षा शुल्क नहीं लेना चाहिए।"
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की घोषणा की और परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों को हुई असुविधा पर खेद व्यक्त किया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के सर्वर में तकनीकी खराबी आने के कारणों की जांच करेंगे, जिससे तलाथी भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को बड़ी असुविधा हुई। राज्य सरकार उन अभ्यर्थियों के प्रति खेद व्यक्त करता हूं जिन्हें परीक्षा शुरू होने में देरी के कारण असुविधा का सामना करना पड़ा।"
मंत्री ने आश्चर्य जताया कि टीसीएस प्रणाली में तकनीकी गड़बड़ी कैसे हो सकती है, जबकि इन्फोटेक दिग्गज को राज्य में ऐसी परीक्षाएं आयोजित करने का अनुभव है। "कंपनी ने राज्य सरकार को सूचित किया है कि उसके डेटा सेंटर में तकनीकी खराबी के कारण समस्या हुई। मुझे आश्चर्य है कि टीसीएस जैसी कंपनी में ऐसी तकनीकी गड़बड़ी कैसे हो सकती है। कंपनी ने अन्य राज्य विभागों के लिए भी भर्ती परीक्षा आयोजित की है।"