महाराष्ट्र में स्कूल और कॉलेजों को बंद करने का फैसला अगले 15 दिनों में राज्य में कोरोना की स्थिति का जायजा लेने के बाद लिया जाएगा। राज्य के मंत्री आदित्य ठाकरे ने बयान देते हुए जानकारी साझा की है। वहीं, राज्य के पाठ्यक्रम ब्यूरो ने 426 टन वजन की पुरानी किताबों का निस्तारण करने का निर्णय लिया है।
महाराष्ट्र में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में राज्य सरकार की लगातार स्वास्थ्य व्यवस्था पर नजर है। अब राज्य के मंत्री आदित्य ठाकरे ने बयान देते हुए सूचना दी है कि 15 दिन में राज्य में कोरोना के मामलों की समीक्षा करते हुए हालात का जायजा लेने के बाद राज्य के स्कूल और विश्वविद्यालयों को बंद करने का फैसला लिया जाएगा। वह मुंबई विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे।
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आदित्य ठाकरे ने कहा कि कोरोना महामारी से लड़ने के लिए लोगों को मास्क पहनने की जरूरत है। अब से 15 दिन बाद की स्थिति को देखते हुए स्कूल और कॉलेज को लेकर फैसला लिया जाएगा। इससे पहले पिछले हफ्ते, स्कूल शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने भी आश्वासन दिया था कि सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा था कि कोरोना के मामले बढ़ने पर स्कूल बंद कर दिए जाएंगे।
महाराष्ट्र में बढ़ रहे हैं मामले
महाराष्ट्र में एक हफ्ते में मामलों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है, जिसमें लगभग 900 मामले केवल मुंबई से सामने आए हैं। राज्य में ओमिक्रॉन के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं, कल 26 नए मामले सामने आए हैं, जिससे इस वैरिएंट की संख्या 167 तक पहुंच गई। वहीं, अभिभावक भी लगातार ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों की वजह से बेहद चिंतित हैं।
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पुरानी किताबों का होगा निस्तारण
महाराष्ट्र राज्य ब्यूरो पाठ्यपुस्तक उत्पादन व पाठ्यचर्या अनुसंधान (बालभारती) ने पुरानी किताबों के निस्तारण का फैसला लिया है।
महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने कहा है कि राज्य पाठ्यक्रम ब्यूरो बालभारती ने फैसला किया है कि 426 टन से अधिक वजन की पुरानी किताबों का निस्तारण किया जाएगा। इस फैसले पर राज्य विधान परिषद के सदस्य अरुण लाड ने सोमवार को परिषद की बैठक में सवाल उठाया था।
किताबों के निस्तारण के लिए टेंडर किए आमंत्रित
वर्षा गायकवाड़ ने कहा है कि 17 अगस्त को 426 टन के वजन की किताबों को निस्तारित करने के लिए बालभारती ने टेंडर आमंत्रित किए थे। अब तक बोर्ड को पांच टेंडर मिले हैं। पिछले तीन वर्षों में दूसरी कक्षा, 11वीं कक्षा और 12वीं कक्षा के नए पाठ्यक्रम की किताबें प्रकाशित हुई हैं। इसलिए पुरानी किताबों के निस्तारण के लिए फैसला लिया गया है।