पहले कक्षा दसवीं, ग्यारहवीं और कक्षा बारहवीं के अर्ध-वार्षिक परीक्षाओं के अंकों के आधार पर कक्षा 12वीं के अंकों की गणना के लिए एक सूत्र तैयार किया गया था, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया। समिति ने यह भी सुझाव दिया कि कक्षा 12वीं के परिणाम तैयार करते समय कक्षा 11वीं के अंकों पर विचार नहीं किया जाना चाहिए। कक्षा 10वीं और 12वीं की अर्धवार्षिक परीक्षा के अंकों के आधार पर ही परिणाम तैयार किया जाना चाहिए।
इस बीच, यह उम्मीद की जा रही है कि मप्र सरकार जुलाई से नियमित कक्षाओं के साथ स्कूल खोल सकती है क्योंकि संक्रमण के ताजा मामले घट गए हैं। सूत्रों के मुताबिक अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग योजनाओं पर चर्चा हो रही है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को एक दिन छोड़कर हफ्ते में तीन से चार दिन स्कूलों में उपस्थित होने के लिए कहा जा सकता है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू हो जाएंगी। हालांकि, अभी कक्षाएं ऑनलाइन मोड में ही जारी रहेंगी। छात्रों को व्हाट्सएप ग्रुप की मदद से वर्कशीट उपलब्ध कराई जाएगी। सूत्रों के अनुसार उच्च कक्षा के छात्रों को एक दिन छोड़कर विद्यालय आने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों को फिर से खोलने और ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने से पहले स्कूलों के फैकल्टी और स्टाफ का टीकाकरण कराना होगा।