छात्रवृत्ति की घोषणा
बुधवार को KIIT और KISS के संस्थापक अच्युत सामंता ने इस छात्रवृत्ति की घोषणा की। उन्होंने मृतका के पिता और चाचा से मुलाकात कर संवेदना प्रकट की और बताया कि प्रकृति लम्साल की स्मृति में यह छात्रवृत्ति दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य उनकी यादों को संजोना और अन्य छात्रों को प्रोत्साहित करना है।
छात्रों से मिले नेपाल के अधिकारी
नेपाल के नई दिल्ली स्थित दूतावास के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बुधवार को KIIT कैंपस का दौरा किया और वहां अध्ययनरत नेपाली छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
KIIT प्रशासन ने भी नेपाल सरकार को यह भरोसा दिलाया कि वह नेपाल लौटने के इच्छुक छात्रों के लिए आवश्यक प्रबंध कर रहा है। संस्थान द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि छात्रों की सुरक्षा प्राथमिकता है और ऐसे किसी भी संकट से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
नेपाल सरकार से बातचीत
अच्युत सामंता ने नेपाल की विदेश मंत्री अर्जू राणा देउबा और जल आपूर्ति मंत्री प्रदीप यादव से भी बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि संस्थान सभी छात्रों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
शव नेपाल भेजा गया
बुधवार को सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद प्रकृति लम्साल का शव नेपाल भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि शव को नेपाल ले जाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए ताकि अंतिम संस्कार में किसी प्रकार की बाधा न आए।
KIIT प्रशासन द्वारा की गई इस पहल को छात्रों और अभिभावकों द्वारा सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। संस्थान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों की सुरक्षा और कल्याण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।