चीजें लंबे समय तक रहेंगी याद
कई कठिन तथ्यों को याद रखने में छात्रों के पसीने छूट जाते हैं और वे एग्जाम वाली रात उन्हें फिर से रटने लगते हैं। ऐसे में ‘डीप प्रोसेसिंग’ तकनीक बेहद कारगर साबित हो सकती है। यह एक दिमागी कसरत है, जिसमें तथ्यों या जानकारियों को किसी ऐसी चीज से जोड़कर पढ़ा जाता है, जो पढ़ने वाले को पहले से ही पता होती है। बच्चों को इसका अभ्यास करवाएं। इससे वे रटने के बजाय विषयों को समझने में अधिक दिलचस्पी लेंगे।
सिर्फ नोट्स ही काफी नहीं
छात्र अपने नोट्स को बार-बार पढ़ते हंै फिर भी हर चीज याद नहीं रख पाते। यह भी परीक्षा से पहले पूरी रात जागकर पढ़ने का एक कारण है। ऐसे में, छात्रों को इम्तिहान के बीच के समय में स्पाइडर डायग्राम, माइंड मैप या कॉन्सेप्ट मैप तकनीकों से पढ़ने के बारे में बताएं। ये तकनीकें चीजों को कुछ इस तरह से प्रस्तुत करती हैं, जो छात्रों के दिमाग पर छप जाती हैं और काफी समय तक याद रहती हैं। चीजों को हाथ से लिखने की भी आदत डालनी चाहिए। इससे लिखने की गति में सुधार होता है, जो परीक्षाओं के लिए उपयोगी है।
नींद भी है जरूरी
अमूमन कई छात्रों को लगता है कि परीक्षा की पहली रात जागकर पढ़ना चाहिए, लेकिन यह धारणा गलत है। उन्हें पर्याप्त नींद लेने के फायदे बताएं। उन्हें नींद की अवस्था ‘स्लो वेव स्लीप’ के बारे में समझाएं, जो कम समय तक याद रहने वाली चीजों को लंबे समय तक याद रखने में मददगार है। यह भी बताएं कि मस्तिष्क का ‘हिप्पोकैम्पस’ भाग याददाश्त को मजबूत बनाता है। यह नींद के दौरान सीखने के अनुभवों को बढ़ाता है। - द कन्वर्सेशन