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केरल सरकार : कोरोना से अनाथ बच्चों को तीन लाख की त्वरित मदद, मासिक राशि और मुफ्त शिक्षा भी मिलेगी

Thu, 27 May 2021 09:19 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

कोरोना के कारण जान गंवाने वालों के बच्चों को  ₹3,00,000 तत्काल राहत के रूप में दिया जाएगा और ₹2,000 की मासिक राशि उन बच्चों के 18वें जन्मदिन तक दी जाएगी। साथ ही स्नातक तक की पढ़ाई का खर्चा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
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Kerala CM P Vijayan - फोटो : ANI
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विस्तार
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कोरोना महामारी ने देशभर में लाखों लोगों को अकाल मौत का शिकार बनाया है। हजारों बच्चे अपने खेलने-कूदने की उम्र में ही अनाथ हो चुके हैं। उनके सिर पर न किसी का हाथ रहा और न ही कोई सहारा। ऐसे में केरल सरकार ने बड़ी पहल की है। केरल सरकार ने न केवल ऐसे बच्चों को आर्थिक सहारा देने का बीड़ा उठाया है बल्कि उन्हें मुफ्त शिक्षा देने का भी वादा किया है। 

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केरल सरकार उन बच्चों के लिए एक विशेष आर्थिक पैकेज का प्रावधान करेगी, जिन्होंने कोरोना महामारी के कारण अपने माता-पिता को खो दिया है। इस विशेष पैकेज के तहत सरकार उन्हें एकमुश्त तत्काल सहायता, मासिक सहयोग राशि और निशुल्क शिक्षा देगी।  

केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने गुरुवार को घोषणा की कि केरल सरकार की ओर से कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण जान गंवाने वालों के बच्चों को  ₹3,00,000 तत्काल राहत के रूप में दिया जाएगा और ₹2,000 की मासिक राशि उन बच्चों के 18वें जन्मदिन तक जारी की जाएगी। साथ ही ऐसे बच्चों का स्नातक तक की पढ़ाई का खर्चा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। 
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इसके साथ ही सीएम पिनाराई विजयन ने कहा, मैंने शिक्षा विभाग को ओणम की छुट्टियों के दौरान केरल बोर्ड कक्षा 12वीं की परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।



गौरतलब है कि सिर्फ केरल ही नहीं, कई अन्य राज्य सरकारों ने भी वित्तीय सहायता के साथ-साथ उन बच्चों के लिए शैक्षिक सहायता की घोषणा की है, जिनके माता-पिता की मृत्यु कोविड-19 महामारी के कारण हुई है। केरल से पहले, उत्तर प्रदेश सरकार, दिल्ली सरकार, मध्यप्रदेश सरकार समेत कई राज्य सरकारों ने इस संबंध में घोषणाएं की हैं। 
 
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दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा था कि जिन बच्चों ने अपने माता-पिता को कोविड -19 के कारण खो दिया है, उनकी शिक्षा का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। सीएम ने यह भी कहा था कि ऐसे बच्चों की परवरिश का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। इसके अलावा, ओडिशा और मणिपुर सरकारों ने भी उन बच्चों की देखभाल करने का फैसला किया था जो कोरोना वायरस से अपने माता-पिता को खोने के बाद अनाथ हो गए हैं। 

गौरतलब है कि एक दिन पहले यानी 26 मई को ही केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि देशभर में करीब 577 बच्चे कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता के निधन के बाद अनाथ हो गए। उन्होंने कहा कि सरकार हर कमजोर बच्चे की सहायता और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, जिसने माता-पिता दोनों को कोविड-19 महामारी के कारण को खो दिया है। 
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