इसके साथ ही सीएम पिनाराई विजयन ने कहा, मैंने शिक्षा विभाग को ओणम की छुट्टियों के दौरान केरल बोर्ड कक्षा 12वीं की परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि सिर्फ केरल ही नहीं, कई अन्य राज्य सरकारों ने भी वित्तीय सहायता के साथ-साथ उन बच्चों के लिए शैक्षिक सहायता की घोषणा की है, जिनके माता-पिता की मृत्यु कोविड-19 महामारी के कारण हुई है। केरल से पहले, उत्तर प्रदेश सरकार, दिल्ली सरकार, मध्यप्रदेश सरकार समेत कई राज्य सरकारों ने इस संबंध में घोषणाएं की हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा था कि जिन बच्चों ने अपने माता-पिता को कोविड -19 के कारण खो दिया है, उनकी शिक्षा का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। सीएम ने यह भी कहा था कि ऐसे बच्चों की परवरिश का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। इसके अलावा, ओडिशा और मणिपुर सरकारों ने भी उन बच्चों की देखभाल करने का फैसला किया था जो कोरोना वायरस से अपने माता-पिता को खोने के बाद अनाथ हो गए हैं।
गौरतलब है कि एक दिन पहले यानी 26 मई को ही केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि देशभर में करीब 577 बच्चे कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता के निधन के बाद अनाथ हो गए। उन्होंने कहा कि सरकार हर कमजोर बच्चे की सहायता और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, जिसने माता-पिता दोनों को कोविड-19 महामारी के कारण को खो दिया है।