बता दें कि कर्नाटक सरकार ने पहले ही कक्षा 12वीं की परीक्षा या द्वितीय वर्ष के प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज (PUC) की परीक्षा रद्द कर दी थी। हालांकि, कक्षा 10वीं एसएसएलसी परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया गया था क्योंकि ये छात्र 2020 में कक्षा नौवीं की परीक्षा में उपस्थित नहीं हुए थे।
याचिका में कहा गया है कि एसएसएलसी छात्रों के परिणाम तैयार करने के लिए लिखित परीक्षा के बजाए एक अलग नीति तैयार करनी चाहिए। याचिका में बोर्ड को उसी तरह के तरीकों को अपनाने का निर्देश देने की मांग की गई है जो अन्य बोर्ड ने परिणाम तैयार करने के लिए अपनाई है।
बता दें कि इस साल कुल 8,76,581 छात्र एसएसएलसी परीक्षा देने जा रहे हैं। राज्य के शिक्षा विभाग ने महामारी के कारण परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने और सोशल डिस्टेंसिंग प्रोटोकॉल बनाए रखने का फैसला किया है। पिछले साल जहां परीक्षा केंद्रों की संख्या 48,000 थी, वहीं इस साल यह 73,066 होगी
19 जुलाई को गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान की एसएसएलसी परीक्षा सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होगी जबकि 22 जुलाई को भाषा की परीक्षा होगी। दोनों परीक्षाएं बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) पर आधारित होंगी। एसएसएलसी कक्षा 10वीं के एडमिट कार्ड भी 29 जून को जारी कर दिए गए हैं। छात्रों को अपने संबंधित स्कूलों से अपने एडमिट कार्ड लेने के लिए कहा गया है।