बड़ी कार्रवाई न करने का दबाव बनाने का आरोप
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने सोमवार को दावा किया कि कर्नाटक सरकार के एक मंत्री ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले की जांच कर रही सीआईडी टीम को प्रभावित किया है। उन्होंने दावा किया कि मंत्री ने सीआईडी अधिकारियों पर दबाव बनाते हुए मामले में एक आरोपी व्यक्ति को रिहा करवा दिया है। इतना ही नहीं, डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया कि मंत्री की ओर से सीआईडी अधिकारियों को संबंधित आरोपी व्यक्ति के खिलाफ आगे कोई बड़ी कार्रवाई नहीं करने का भी दबाव डाला गया है।
गृह मंत्री या किसी अन्य मंत्री ने बनाया दबाव
हाल ही में कर्नाटक पुलिस में उप निरीक्षकों के पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया में कथित घोटाले का खुलासा हुआ था। पत्रकारों को संबोधित करते हुए, प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख डीके शिवकुमार ने कहा कि मेरे पास सटीक जानकारी नहीं है, लेकिन किसी ने, या तो गृह मंत्री या किसी अन्य मंत्री ने सीआईडी अधिकारियों को एक आरोपी को रिहा करने का निर्देश दिया है। साथ ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आगे कोई जांच नहीं होनी चाहिए, का भी निर्देश दिया है।
एक मंत्री का छोटा भाई या रिश्तेदार भी घोटाले में शामिल
शिवकुमार ने आरोप लगाया कि एक मंत्री का छोटा भाई या रिश्तेदार भी इस भर्ती घोटाले में शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि केवल रसूखदार लोगों की सुरक्षा के लिए परीक्षा रद्द की गई थी। दिग्गज कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से प्रभावशाली लोगों को नहीं बचाने की अपील की है। साथ ही मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे अपनी शक्तियों के आधार पर मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाएं।
30 ज्यादा गिरफ्तार, 10 अभी भी फरार
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले की मुख्य आरोपी दिव्या हागरागी के करीबी काशीनाथ ने भी सोमवार को पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। वह कलबुर्गी के एक स्कूल में शिक्षक थे, जहां घोटाला सामने आया था। वहीं, एक उम्मीदवार की ओएमआर शीट सार्वजनिक करने वाले घोटाले के एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में अब तक 30 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि 10 फरार हैं।