हालांकि, जेईई मेन 2023 के रिजल्ट को लेकर इंतजार अब खत्म होने वाला है। इस बीच, हमारे विशेषज्ञ करिअर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि जेईई मेन के प्रत्येक सेशन में डिफिकल्टी लेवल थोड़ा अलग-अलग रहता है। ऐसे में विद्यार्थियों को एनआईटी ट्रिपल आईटी में प्रवेश की संभावनाओं को मार्क्स रेंज के आधार पर बताया जा सकता है।
JEE Main Result NTA Score NIT Admission: 220 से 280 अंक तक सीएस है सर्वोत्तम विकल्प
जेईई मेन की परीक्षा 300 अंकों की होती है, यदि विद्यार्थी 240 से 280 के मध्य अंक प्राप्त करता है तो उसे शीर्ष एनआईटी तिरुचि, वारंगल, सूरतकल, में सीएस यानी कंप्यूटर साइंस मिलने की संभावना बन सकती है। यदि स्टूडेंट्स के 220 से 240 अंक आते हैं तो शीर्ष तीन एनआईटी की सीएस के अलावा अन्य कोर ब्रांचेज एवं इलाहाबाद, जयपुर, कालीकट, राउरकेला एवं ट्रिपल आईटी इलाहाबाद की सीएस प्राप्त कर सकता है।
JEE Main NTA Score NIT Admission: 150 से 220 अंक तक ये हैं विकल्प
वहीं, यदि विद्यार्थी 180 से 220 अंक लाता है तो उपरोक्त सात एनआईटी की अन्य ब्रांचों के साथ-साथ भोपाल, कुरूक्षेत्र, सूरत, नागपुर, दिल्ली की सीएस कोर ब्रांचें एवं ट्रिपल आईटी जबलपुर, ग्वालियर, लखनऊ, गुवाहाटी की कोर ब्रांच प्राप्त कर सकता है।
विद्यार्थी 150 से 180 के मध्य अंक लाने पर भोपाल, कुरूक्षेत्र, सूरत, नागपुर, दिल्ली की अन्य ब्रांचों के साथ एनआईटी जालंधर, हमीरपुर, दुर्गापुर, जमशेदपुर, शिबपुर, पटना, रायपुर, गोवा, सिल्चर की कोर ब्रांच एवं ट्रिपल आईटी वडोदरा, पुणे, सोनीपत, सूरत, नागपुर, भोपाल, तिरछी, रायपुर, कांचीपुरम, रांची, धारवाड़, अगरतला, कल्याणी में प्रवेश ले सकता है।
JEE Main Result NIT Admission : 130 से 150 अंक पर यहां दाखिला संभव
ऐसे स्टूडेंट्स जो 130 से 150 अंक प्राप्त करते हैं, उन्हें उपरोक्त एनआईटी की कोर ब्रांच के अतिरिक्त एनआईटी आंध्र प्रदेश ,श्रीनगर, उत्तराखंड, पुडेचेरी, नॉर्थ इस्ट के एनआईटी मणिपुर, सिक्किम, मिजोरम, मेघालय, नगालैंड आदि की कोर ब्रांच के साथ-साथ अन्य नए ट्रिपल आईटी में प्रवेश ले सकता है।
JEE Main NTA Score NIT Admission: 100 से 130 अंक आने पर जीएफटीआई
100 से 130 अंक आने पर जीएफटीआई की कोर ब्रांच में प्रवेश मिलने की संभावना रहती है। हालांकि, दी गई मार्क्स रैंज कैटेगिरी अनुसार भी परिवर्तित होगी साथ ही जेईई मेन पेपर के डिफिकल्टी लेवल में परिवर्तन होने पर उपरोक्त दी गई मार्क्स रैंज में 15 से 20 नम्बर का परिवर्तन हायर एवं लोअर साइड संभव है।