इंजीनियरिंग करिअर काउंसलर अमित आहूजा ने बताया कि एनटीए द्वारा अप्रैल आवेदन में पहली बार विद्यार्थियों के स्थानीय एवं स्थाई पते के लिए एड्रेस प्रूफ मांगा जा रहा है। एड्रेस प्रूफ के तौर पर विद्यार्थियों को परमानेंट एड्रेस के लिए डोमिसाइल, पासपोर्ट, आधार कार्ड तथा वोटर आईडी आदि दस्तावेजों एवं प्रजेंट एड्रेस के लिए इन सभी दस्तावेजों के अतिरिक्त स्कूल आईडी, बैंक पासबुक एवं रेंट एग्रीमेंट से संबंधित दस्तावेजों को अपलोड करने को कहा गया है।
स्टूडेंट्स को प्रजेंट एड्रेस के लिए उपरोक्त दस्तावेजों में से कोई डॉक्यूमेंट उपलब्ध नहीं होने पर एफिडेविट द्वारा आवेदन किया जा सकता है। परंतु उन हजारों विद्यार्थियों को इन दस्तावेजों को तैयार करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो दूसरे शहर में जाकर तैयारी कर रहे हैं। इन दस्तावेजों के फॉर्मेट का कोई आइडिया नहीं है, इसके साथ ही इन औपचारिकताओं से परिचित भी नहीं हैं। ऐसे में वे परेशान हो रहे हैं।
विद्यार्थियों का कहना है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए आवश्यक प्रारूप यानी फॉर्मेट जारी करना चाहिए ताकि सभी विद्यार्थी निर्धारित फॉर्मेट के अनुसार ही अपने संबंधित एड्रेस प्रूफ को जल्द एवं आसानी से बनवा सकें और उनके समय की भी बचत हो।
इस समय विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में व्यस्त है। इसके साथ ही अप्रैल महीने में जेईई मेन की परीक्षा छह से 12 अप्रैल के मध्य होगी। वहीं, ऐसे विद्यार्थी जिनके 12वीं बोर्ड में 75 प्रतिशत प्राप्तांक नहीं हैं, उन्हें बोर्ड की पात्रता में रियायत का इंतजार है। गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी इस पात्रता में रियायत की मांग की जा रही है, जबकि कम प्रतिशत प्राप्तांक वाले विद्यार्थियों को जेईई मेन के लिए अवश्य आवेदन की जा रही है, क्योंकि आवेदन का बोर्ड पात्रता से कोई संबंध नहीं है।