आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी समेत देशभर के अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक दाखिले की प्रवेश परीक्षा जेईई मेन-2022 को लेकर विद्यार्थियों की उलझनें दूर होने जा रही हैं।
दरअसल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी( एनटीए) इसी माह यानी जनवरी के आखिरी हफ्ते तक जेईई मेन- 2022 के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की विंडो ओपन करने जा रही है। चार चरणों की परीक्षा का पहला चरण मार्च या अप्रैल में आयोजित करवाने को लेकर राज्यों, सीबीएसई बोर्ड समेत सभी हितधारकों से सहमति ली जाएगी ताकि 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के साथ जेईई मेन- 2022 की तिथियों में टकराव न हो।
शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की जेईई मेन-2022 को लेकर तैयारियां पूरी हैं। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर के चलते राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के शेड्यूल में देरी हुई है। दरअसल, छात्रों से लेकर परिजन कोरोना की चपेट में होने के चलते परीक्षा का शेड्यूल देरी से जारी किया जा रहा है ताकि छात्रों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। कोरोना संक्रमण के मामलों में फिलहाल थोड़ी गिरावट आ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी और मार्च तक हालात ठीक हो जाएंगे। इसी को देखते हुए जनवरी के आखिरी हफ्ते में जेईई मेन 2022 का पूरा शेड्यूल जारी होगा। इसी के साथ जेईई मेन 2022 का ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की विंडो भी ओपन कर दी जाएगी।
जेईई मेन- 2022 के चारों चरणों की परीक्षा में से बेस्ट स्कोर से मेरिट बनेगी। इसी मेरिट स्कोर से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों के इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीटें मिलेंगी। जबकि जेईई मेन 2022 से टॉप ढाई लाख सफल छात्र जेईई एडवांस 2022 में जाएंगे। इसके बाद जेईई एडवांस- 2022 की मेरिट स्कोर के आधार पर आईआईटी में बीटेक प्रोग्राम में सीटें मिलेंगी।
बोर्ड परीक्षा से टकराव नहीं होगा
वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि जेईई मेन और बोर्ड परीक्षाओं की तिथि में कोई टकराव नहीं होने दिया जाएगा। इसी लिए सीबीएसई बोर्ड, प्रदेश शिक्षा बोर्ड और सभी हितधारकों के साथ बात होगी, ताकि बाद में छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसी आधार पर पहला चरण मार्च या अप्रैल में आयोजित किया जाएगा।
13 भारतीय भाषाओं में आयोजित होगी परीक्षा: जेईई मेन 2022 हिंदी, अंग्रेजी के अलावा 13 भारतीय भाषाओं में आयोजित होगी। नई शिक्षा नीति के तहत इंजीनियरिंग कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 से बीटेक प्रोग्राम की पढ़ाई मातृभाषा में करने की शुरुआत हुई है। इसका मकसद सरकारी व क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ने वाले छात्रों को आगे बढ़ाना है। हालांकि कॉलेजों में बीटेक प्रोग्राम की पढ़ाई मातृभाषा में करने का मौका संबंधित प्रदेश में ही मिलेगा।