नर्सिंग के पाठ्यक्रम की पुस्तक का एक भाग बीते दिन सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें समाज में दहेज प्रथा के फायदे की बातें गिनाई गयी थी। इसमें यह भी बताया गया था कि दहेज से ज्यादा अच्छी न दिखने वाली लड़कियों के माता-पिता को उनकी शादी करने में मदद मिलती है। इस किताब का नाम Textbook of Sociology for Nurses है और इसकी लेखक का नाम टीके इंद्राणी है। बड़ी बात यह भी है कि यह पुस्तक बीएससी द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रम का हिस्सा है।
शिवसेना सांसद ने भी किया विरोध
शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस पुस्तक का विरोध किया है। उन्होंने इस कंटेंट को शर्मनाक बताया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस पुस्तक को पाठ्यक्रम से हटाने और कार्रवाई की मांग भी की। उन्होंने इसे अपमानजनक और पुरानी विचारधारा को प्रसारित करने वाला बताया।
नर्सिंग काउंसिल ने दिया स्पष्टीकरण
इस मुद्दे पर जारी विवाद में नर्सिंग काउंसिल ने स्पष्टीकरण जारी किया है। काउंसिल ने कहा कि उनके संज्ञान में यह बात आई है कि सोशियोलॉजी फॉर नर्सिंग के कुछ लेखक काउंसिल के नाम का इस्तेमाल कर के अपनी किताबें प्रकाशित करा रहे हैं। काउंसिल ऐसे किसी भी कंटेंट की निंदा करता है जो देश के कानून का उल्लंघन करता है। काउंसिल ने अपने स्पष्टिकरण में यह भी कहा कि नर्सिंग कार्यक्रमों के लिए केवल उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध सिलेबस को ही प्रस्तावित करता है।